कांग्रेस सांसद ने प्रधानमंत्री से पूछा, क्या यही नया भारत है?

कांग्रेस सांसद ने प्रधानमंत्री से पूछा, क्या यही नया भारत है?

Santosh Kumar Pandey | Publish: Oct, 09 2019 07:18:52 PM (IST) Bangalore, Bangalore, Karnataka, India

Congress MP asked Prime Minister, is this new India? राज्य सभा के कांग्रेस सांसद राजीव गौड़ा ने जानी-मानी 49 नामचीन हस्तियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज होने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा है।

बेंगलूरु. राज्य सभा के कांग्रेस सांसद राजीव गौड़ा ने जानी-मानी 49 नामचीन हस्तियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज होने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा है। पीएम मोदी को लिखे पत्र में उन्होंने कहा है कि उन्हें बड़ा दिल दिखाना चाहिए और असहमति की आवाज को भी स्वीकार करना चाहिए। देश में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को बनाए रखने की अपनी प्रतिबद्धता का उन्हें आश्वासन देना चाहिए।

उन्होंने सवाल किया कि प्रधानमंत्री ने जिस ‘नए भारत’ का वादा किया था, उसमें क्या सरकार या उसकी नीतियों की आलोचना करने वाले प्रत्येक व्यक्ति के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की जाएगी।

गौड़ा ने मोदी को लिखे अपने पत्र में कहा, कि ‘आापको पत्र लिखने वाले उन 49 भारतीय नागरिकों के खिलाफ दर्ज हुई प्राथमिकी का हम मजबूती से विरोध करते हैं। हम आपसे अपील करते हैं कि आप सार्वमान्यरुख अपनाएं और देश को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता बनाए रखने की अपनी प्रतिबद्धता का आश्वासन दें।’

निर्देशक अनुराग कश्यप, अपर्णा सेन, अदूर गोपालकृष्णन और लेखक रामचंद्र गुहा समेत अन्य द्वारा जुलाई में प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर मॉब लिंचिंग की बढ़ती घटनाओं पर चिंता जताई गई थी।

इनके खिलाफ बिहार के मुजफ्फरपुर में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट सूर्यकांत तिवारी के आदेश के बाद इन हस्तियों पर प्राथमिकी दर्ज हुई है। याचिका एक स्थानीय वकील सुधीर कुमार ओझा ने दर्ज कराई थी। पत्र लिखने वालों के खिलाफ राजद्रोह, धार्मिक भावनाएं आहत करने सहित अन्य धाराओं के तहत मामला दर्ज हुआ है।

उन्होंने कहा कि जाति, विश्वास, धर्म और राजनीतिक झुकाव से इतर लोगों के कल्याण के लिए जिम्मेदार नेता को अपनी चिंता के बारे में पत्र लिखना कब से प्राथमिकी की वजह बनने लगी? गौड़ा ने पूछा, ‘आपने देश को जिस नए भारत का वादा किया है उसमें सरकार या उसकी नीतियों की आलोचना करनेवालों के खिलाफ क्या प्राथमिकियां दर्ज होंगी।’

उन्होंने कहा कि क्या प्रधानमंत्री एक ऐसे ‘नए भारत’ का निर्माण करना चाहते हैं जहां देश के नागरिकों की बात ना सुनी जाए और उनकी चिंताओं का निपटारा नहीं किया जाए।

गौड़ा ने कहा कि वह यह विश्वास करना चाहेंगे कि प्रधानमंत्री भी अभिव्यक्ति की आजादी के अधिकार का समर्थन करेंगे ताकि ‘मन की बात’ कहीं ‘मौन की बात’ में न बदल जाए।

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