कांग्रेस को सत्ता से हाथ धोना पड़ेगा : शिवराज सिंह

कांग्रेस को सत्ता से हाथ धोना पड़ेगा : शिवराज सिंह

Sanjay Kumar Kareer | Publish: May, 11 2018 01:37:13 AM (IST) Bangalore, Karnataka, India

मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान ने मैसूरु और बेंगलूरु में किए रोड शो

मैसूरु. राज्य की जनता ने इस बार कांग्रेस को सत्ता से बेदखल करने का मन बना लिया है। इसलिए मतगणना के पश्चात कर्नाटक में कांग्रेस की सरकार नहीं रहेगी। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान ने यह बात कही। उन्होंने यहां गुरुवार को कहा कि गत पांच वर्ष में राज्य में सत्तासीन कांग्रेस ने विकास तथ प्रशासन पर ध्यान देने के बदले समाज को विभाजित करने में समय गंवा दिया है। इसका खामियाजा कांग्रेस को भुगतना पड़ेगा।

उन्होंने कहा कि इसके अलावा कांग्रेस ने भाजपा शासित राज्यों की घटनाओं को बढ़ा-चढ़ा कर पेश करते हुए भाजपा के दलित विरोधी पार्टी होने का भ्रामक प्रचार किया है। लेकिन राज्य की जनता को पता है कि वास्तव में दलित विरोधी भाजपा नहीं बल्कि कांग्रेस है। कांग्रेस की यह भाजपा शासित राज्यों को बदनाम करने की साजिश कर्नाटक की जनता के गले नहीं उतरी है। उन्होंने कहा कि भाजपा केंद्र सरकार की विकास कार्यसूची अब तक की उपलब्धियों के साथ येड्डियूरप्पा का नेतृत्व, संगठन तथा नीति के सहारे कर्नाटक में सत्ता हासिल करेगी।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस सत्ता हासिल करने के लिए कई देश विरोधी ताकतों से हाथ मिलाने के साथ एक समुदाय विशेष का तुष्टिकरण कर रही है। राहुल गांधी के प्रधानमंत्री पद पर दावेदारी को लेकर पूछे सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि राहुल गांधी के बयानों को कोई गंभीरता से नहीं लेता है। मध्यप्रदेश के चुनाव को लेकर पूछे सवाल के जवाब में चौहान ने कहा कि भाजपा उपलब्धियों को बलबूते पर सत्ता में वापसी करेगी। बाद में शिवराजसिंह चौहान ने शहर में रोड शो में भाग लिया।

भाजपा ने उड़ाया राहुल गांधी का उपहास

कलबुर्गी. कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी की टिप्पणी कि वे प्रधानमंत्री बनने के लिए तैयार हैं, पर उपहास करते हुए भाजपा ने इसे दिवास्वपन करार देते हुए राहुल को सलाह दी है कि पहले उन्हें कर्नाटक विधानसभा चुनाव जीतने की कोशिश करनी चाहिए।

भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता शाहनवाज हुसैन ने कहा, यह राहुल गांधी का अधिकार है कि वे प्रधानमंत्री बनने का सपना देखें लेकिन कांग्रेस के सहयोगी दल ही उन्हें अपना नेता नहीं स्वीकार रहे हैं। उन्होंने राहुल गांधी को याद दिलाते हुए कहा कि जब कांग्रेस १३ राज्यों में चुनाव हारी तब राहुल गांधी कांग्रेस उपाध्यक्ष थे और जब वे अध्यक्ष बने तब कांग्रेस पांच राज्यों में चुनाव हारी और छठे राज्य कर्नाटक में चुनाव हारने के लिए तैयार है।

उन्होंने कहा, विडंबना देखिए कि राहुल गांधी के कमान संभालने के बाद भी कांग्रेस चुनाव दर चुनाव हर राज्य में हार रही है लेकिन उनके उसके बाद भी राहुल गांधी प्रधानमंत्री बनने का सपना देख रहे हैं। यहां तक कि कांग्रेस के सहयोगी दलों ने भी राहुल को नेता नहीं स्वीकारा है, बावजूद इसके वे प्रधानमंत्री बनने की चाहत रखते हैं।

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