सितंबर में शुरू होगा बेंगलूरु-मैसूरु राजमार्ग का निर्माण: रेवण्णा

लोक निर्माण मंत्री एच.डी. रेवण्णा ने कहा कि बेंगलूरु-मैसूरु के बीच छह लेन वाले राजमार्ग का निर्माण कार्य सितंबर माह में शुुरू हो जाएगा।

By: शंकर शर्मा

Published: 24 Jul 2018, 10:09 PM IST

बेंगलूरु. लोक निर्माण मंत्री एच.डी. रेवण्णा ने कहा कि बेंगलूरु-मैसूरु के बीच छह लेन वाले राजमार्ग का निर्माण कार्य सितंबर माह में शुुरू हो जाएगा। रेवण्णा ने सोमवार को यहां संवाददाताओं के साथ बातचीत में कहा कि इस संबंध में केन्द्रीय भूूतल परिवहन मंत्री नितिन गडकरी से चर्चा हो चुकी है और उन्होंने निर्माण कार्य शुरू करने पर सहमति जताई है। सितंबर के पहले सप्ताह में निर्माण शुुरू हो जाएगा। भूमि अधिग्रहण का 63 फीसदी कार्य पूरा हो चुका है और अगले दस दिन में शेष कार्य पूर्ण हो जाएगा। इसके बाद सडक़ किनारे बिछाई गई बिजली केबल, पानी की पाइप लाइन, टेलिफोन केबल हटाने का काम शुरू किया जाएगा।


उन्होंने कही कि कुछ स्थानों पर वन विभाग की जमीन की जरूरत पड़ेगी। इस संबंध में वन विभाग से चर्चा कर मसले को निपटाने और निर्माण कार्य शुरू करने की कार्रवाई की जा रही है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण निर्माण करेगा और राज्य सरकार पर्यवेक्षण करेगी। मंत्री ने बताया कि केन्द्र सरकार ने राष्ट्रीय राजमार्ग निर्माण के लिए कर्नाटक को 37 हजार करोड़ रुपए आवंटित किए हैं।

इसमें से 10,022 करोड़ रुपए कोडग़ू, शिवमोग्गा, मैसूरु, बेलगावी, तुमकूरु, चित्रुदर्गा जिलों से होकर जाने वाले 466.84 किमी लंबे राष्ट्रीय राजमार्ग के निर्माण के लिए इस्तेमाल किए जा रहे हैं।


रेवण्णा ने कहा कि मलनाडु व तटीय क्षेत्र के जिलों में अतिवृष्टि के कारण सडक़ें क्षेतिग्रस्त होने के कारण फिलहाल गड्ढे भरने का काम किया गया है और बारिश खत्म होने के बाद गुणवत्तापूर्ण सडक़ें बनवाई जाएंगी।


इसी तरह चारमाडी घाट सडक़ की मरम्मत के लिए केन्द्र सरकार से 250 करोड़ रुपए देने का प्रस्ताव किया गया है। शिराडी घाट रोड का निर्माण कार्य समय से पहले पूरा होने की उम्मीद है और अगले 15 दिनों में इस मार्ग पर भारी वाहनों के आवागमन की अनुमति देने के प्रयास किए जाएंगे।


मंत्री ने कहा कि पश्चिमी घाट, मलनाडु तथा तटीय क्षेत्र में नाले पार करने के लिए पेड़ों के तनों का इस्तेमाल किया जाता है जिसकी वजह से कई बार लोग फिसलने से गिरकर दुर्घटना के शिकार हो जाते हैं।


इस खतरे को रोकने के लिए स्थाई पगडंडियों का निर्माण किया जाएगा। दूसरे विभागों के मंत्रियों के विभागों में उनके दखल करने के आरोपों को लेकर पूछे सवाल पर उन्होंने स्पष्ट किया कि वे किसी मंत्री के विभाग मे दखल नहीं करते पर इस बारे में बैसिर पैर की खबरें प्रसारित की जा रही हैं। उन्होंने अपने निर्वाचन क्षेत्र में किए जाने वाले कार्य के बारे में देवस्थान विभाग के मंत्री को पत्र लिखा था। इसे दखल कहना कहां तक उचित है।

वेलफेयर पार्टी धर्मनिरपेक्ष दलों से समझौता करेगी
बेंगलूरु. वेलफेयर पार्टी ऑफ इंडिया लोकसभा चुनाव में जन समस्याओं को गंभीरता से हल करने करने और जन हित में काम करने का संकल्प लेने वाले धर्मनिरेपक्ष राजनीतिक दलों से समझौता करेगी।
पार्टी के राष्ट्रीयाध्यक्ष कासिम रसूल इलियास ने सोमवार को पदाधिकारियों की दो दिवसीय कार्यकारी बैठक के बाद कहा कि अगर भाजपा फिर सत्ता में आई तो देश के हालात गंभीर हो सकते है। इसके लिए छोटी पार्टियों को शक्तिशाली धर्मनिरपेक्ष दलों से गठजोड़ करना अनिवार्य हो गया है। इस बैठक में देश के विभिन्न समस्याओं पर चर्चा की गई। आगामी लोकसभा चुनाव में देश की विभिन्न समस्याओं को और हालात के बारे में जागृति अभियान चलाया जाएगा।

शंकर शर्मा
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