उपभोक्ताओं को लग सकता है बिजली शुल्क का झटका

उपभोक्ताओं को लग सकता है बिजली शुल्क का झटका

Shankar Sharma | Publish: May, 18 2019 12:57:13 AM (IST) Bangalore, Bangalore, Karnataka, India

देश की पांच बिजली आपूर्ति कंपनियों ने वित्त वर्ष 2019-20 से ही बिजली के दरों में वृद्धि करने का प्रस्ताव कर्नाटक विद्युत नियामक आयोग (केइआरसी) के सामने रखा है।

बेंगलूरु. प्रदेश की पांच बिजली आपूर्ति कंपनियों ने वित्त वर्ष 2019-20 से ही बिजली के दरों में वृद्धि करने का प्रस्ताव कर्नाटक विद्युत नियामक आयोग (केइआरसी) के सामने रखा है। चुनाव आचार संहिता खत्म होने के बाद केइआरसी प्रस्ताव पर फैसला ले सकता है।


बेंगलूरु नगर और बेंगलूरु ग्रामीण समेत आठ जिलों के लिए बिजली की आपूर्ति करने वाली कंपनी बेसकॉम ने प्रति यूनिट के लिए १ रुपया, सीइएससी चामुंडेश्वरी बिजली आपूर्ति कंपनी ने १.६५ रुपए, हेसकॉम, मेसकॉम और जेसकॉम ने १.३० से १.४५ रुपए प्रति यूनिट तक दाम बढ़ाने का प्रस्ताव रखा है। कंपनियों ने बिजली की खरीदी से होने वाले नुकसान की भरपाई करने के लिए दरें बढ़ाने का प्रस्ताव केइआरसी को भेजा था। आयोग ने ग्राहकों से सुझाव मांगे थे। अब शीघ्र ही अंतिम आदेश जारी होगा।


बेसकॉम ने अपने प्रस्ताव में कहा है कि कंपनी ऊर्जा स्टेशनों की संख्या बढ़ाना चाहती है। नए प्रस्ताव के अनुसार ५० यूनिट से कम बिजली का इस्तेमाल करने वाले ग्राहकों प्रति यूनिट ३.९० रुपए, ५० से अधिक यूनिट इस्तेमाल करने पर ४.९५ प्रति यूनिट तक रुपए दरें बढ़ सकती हैं। ३० यूनिट से कम बिजली का इस्तेमाल करने पर एक यूनिट के लिए ३.७५ रुपए की कीमत तय करने की सिफारिश की है।


सूत्रों के अनुसार मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी ने कर्नाटक ऊर्जा निगम लिमिटेड (केपीसीएल) के निदेशकों और अधिकारियों की बैठक बुलाई थी। बैठक में लोड शेडिंग, किसानों के पंप सेट के लिए दो फेस में बिजली आपूर्ति, उत्पादन, बिजली संकट दूर करने के लिए खरीदी पर चर्चा की गई। मुख्यमंत्री ने बिजली के दरों में वृद्धि करने के विषय पर कोई चर्चा नहीं की। मुख्यमंत्री को बताया गया कि केपीटीसीएल केवल ऊर्जा संप्रेषण और बिजली आपूर्ति कंपनियों केवल घर-घर जाकर शुल्क संग्रहित करने का कार्य करना पड़ रहा है।


करंट ने चार साल में 500 की जिंदगी छीनी
बेंगलूरु. गत चार वर्षों के दौरान बेंगलूरु बिजली आपूर्ति कंपनी (बेसकॉम) की व्याप्ति में शामिल बेंगलूरु शहर, बेंगलूरु ग्रामीण, चिकबल्लापुर, कोलार, तुमकूरु, चित्रदुर्ग, दावणगेरे तथा रामनगर जिलों में 1040 हादसों में 500 से अधिक लोगों की मौत करंट लगने से हुई।


सूत्रों के मुताबिक वर्ष 2015-16 में 283 हादसों में 132 लोगों, वर्ष 2016-17 में 118, वर्ष 2017-18 में 114 तथा तथा वर्ष 2018-19 में 136 लोगों की मौत हुई है। इन हादसों में मरने वालों में बेसकॉम के 37 कर्मचारी भी शामिल हैं। इसके अलावा करंट से 191 मवेशियों की मौत हुई है।


बेसकॉम की प्रबंध निदेशक सी. शिखा के अनुसार कई बार चेतावनी जारी करने के बावजूद शहर के कई क्षेत्रों में लोगों ने हाइटेंशन बिजली के तारों के नीचे ही अवैध रूप से मकान बनाए हंै, वहींं अधिक हादसे हो रहे हैं। ऐसे अवैध मकानों को हटाने के लिए बीबीएमपी के साथ मिलकर विशेष अभियान चलाया जाएगा। अवैध रूप से निर्मित मकानों में बिजली कनेक्शन देने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। इस वर्ष शहर के कोडगेहल्ली, जीवन बीमा नगर, महालक्ष्मी लेआउट तथा बाणसवाड़ी में हादसों में चार बच्चों की मौत हो चुकी है।

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