कोरोना नियंत्रण कार्य में आनाकानी कर रहे पार्षद

  • फंड खर्च करने में भी रुचि नहीं
  • कार्यकाल में केवल 45 दिन शेष

By: Santosh kumar Pandey

Updated: 01 Jul 2020, 02:44 PM IST

बेंगलूरु. बृहद बेंगलूरु महानगर पालिका (बीबीएमपी) के पार्षद फंड मिलने के बावजूद इसका इस्तेमाल नहीं कर पा रहे। पालिका ने हर वार्ड में कोरोना की रोकथाम के लिए 20 लाख रुपए का फंड जारी किया है। हर वार्ड के पार्षद को प्रभारी बनाया गया है। लेकिन पार्षद इस जिम्मेदारी से मुक्ति चाहते हंै।

शहर में संक्रमितों की संख्या बढ़ रही है। हर वार्ड में कंटेनमेंट क्षेत्रों की संख्या भी बढ़ रही है। पार्षद कुछ भी बहाने बनाकर महामारी पर नियंत्रण के कार्य में भाग लेने से बच रहे हंै। कुछ पार्षद ही वार्ड स्तरीय आपदा निगरानी समिति की बैठक में फंड का इस्तेमाल करने आगे आए हैं। पार्षदों के कार्यकाल की अवधि केवल 45 दिन शेष है। पार्षदों के सक्रिय रूप से कार्य नहीं करने से जनता नाराज है। 1 मर्ई को सभी 198 वार्डो मेंं अधिकारियों को लेकर आपदा निगरानी समितियां गठित की गई थीं। हर वार्ड का पार्षद ही चेयरमैन है।

जिम्मेदारियों से दूर भाग रहे
पार्षद हमेशा से यही आरोप लगाते थे कि पालिका अधिकारी उन्हें कोई जानकारी नहीं देते। अब पार्षदों को ही सभी अधिकार देने के बावजूद वे अपनी जिम्मेदारियों से दूर भाग रहे हैं।

हर वार्ड को 20-20 लाख रुपए के हिसाब से कुल 3,962 लाख रुपए जारी किए गए हैं। पालिका के आयुक्त बी.एस.अनिल कुमार ने स्पष्ट रूप से कहा है कि 20 लाख रुपयों का अनुदान केवल कोरोना की रोकथाम के लिए है। वार्ड समिति की कितनी बैठकें हुई है और कितना खर्च किया गया, इसका विवरण किसी पार्षद के पास नहीं है।

पूर्व नेता प्रतिपक्ष पद्मनाभ रेड्डी, एम.शिवराजू, गंगाम्बिके, एम.पद्मावती, नेता प्रतिपक्ष अब्दुुल वाजिद, मुनीन्द्र कुमार जैसे कुछ पार्षद ही फंड का सही इस्तेमाल कर रहे है।

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Santosh kumar Pandey Desk
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