लक्षण दिखाई देने पर परीक्षण अनिवार्य : जिलाधिकारी

कोरोना वायरस संक्रमण का परीक्षण कराना अनिवार्य होगा।

By: Sanjay Kulkarni

Updated: 17 Jun 2020, 10:55 AM IST

मैसूरु. खांसी, बुखार, सर्दी, गले में दर्द, सांस लेने में तकलीफ जैसे कोरोना वायरस संक्रमण के लक्षण दिखने के पश्चात शहर तथा जिले के निवासियों को कोरोना वायरस संक्रमण का परीक्षण कराना अनिवार्य होगा। जिलाधिकारी अभिराम जी शंकर ने यह बात कही।

उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की ओर से चिन्हित सरकारी अस्पतालों में ऐसा परीक्षण नि:शुल्क होगा। जो लोग गले का द्रव परीक्षण के लिए देते है ऐसे लोगों को परीक्षण की रिपोर्ट आने तक घर में ही रह कर आराम करना चाहिए। हालांकि ऐसे लोगों के लिए क्वारंटाइन अनिवार्य नहीं होगा। लेकिन अगर रिपोर्ट पॉजिटिव आती है तो ऐसे लोगों को क्वारंटाइन कर चिकित्सा दी जाएगी।

उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस संक्रमण के लक्षण दिखाई देने वाले हर व्यक्ति का परीक्षण करने का फैसला स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग ने किया है। लिहाजा लोगों को इसका उपयोग करना चाहिए। अगर लोग निजी अस्पताल, नर्सिंग होम, पॉलिक्लिनिक में परीक्षण कराना चाहते हैं तो उन्हें इसकी सूचना स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग को देनी होगी।

जिलाधिकारी ने कहा कि जिन लोगों में कोरोना वायरस के लक्षण दिखाई देते है ऐसे लोगों को मेटागल्ली में स्थित कोविड-19 अस्पताल, केआर अस्पताल, चेलुवांबा अस्पताल, नंजनगुड, टी.नरसीपुरा, पेरियापट्टना, एचडीकोटे, हुणसूर तथा केआर नगर में स्थित तहसील अस्पताल तथा सालिग्राम, हुलहल्ली तथा तगडूर में स्थित समुदाय चिकित्सा केंद्रों में भर्ती कर चिकित्सा दी जाएगी।

Sanjay Kulkarni Reporting
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