मुख्‍य सचिव ने दी निजी अस्पतालों को कड़ी चेतावनी, कहा इलाज करो

कोरोना मरीजों का इलाज नहीं करने पर होगा कानून का उल्लंघन

By: Sanjay Kumar Kareer

Updated: 28 Jun 2020, 09:01 PM IST

बेंगलूरु. मुख्य सचिव टीएम विजय भास्कर ने रविवार को चेतावनी देते हुए कहा कि राज्य में कोई भी निजी अस्पताल या चिकित्सा संस्थान कोरोना वायरस से संक्रमित मरीजों का इलाज करने से इनकार नहीं कर सकता। किसी भी स्थिति में कोविड-१९ और उसके लक्षणों जैसे रोगियों का इलाज करने से इनकार नहीं किया जाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की जानकारी में आया है कि कुछ निजी चिकित्सा संस्थान कोरोना पॉजिटिव रोगियों के इलाज से इनकार कर रहे हैं। उन्होंने चेताया कि इस तरह इलाज से इंकार करना कर्नाटक निजी चिकित्सा संस्थान अधिनियम 2017 का उल्लंघन है।

उन्होंने कहा कि इस कानून के तहत प्रत्येक निजी चिकित्सा संस्थान को सभी राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों के कार्यान्वयन में सक्रिय रूप से भाग लेने का प्रावधान किया गया है। उन्होंने कहा कि निजी चिकित्सा संस्थान राज्य सरकार के स्वास्थ्य कार्यक्रमों में सक्रिय रूप से शामिल होंगे।

मुख्य सचिव ने कहा कि यह सभी निजी चिकित्सा संस्थानों का वैधानिक कर्तव्य भी है कि संचारी रोगों के प्रसार को रोकने में मदद करें ताकि रोगी चार्टर का पालन सुनिश्चित जा सके। उन्होंने निजी अस्पतालों को कर्नाटक निजी चिकित्सा प्रतिष्ठानों अधिनियम 2017 और भारतीय दंड संहिता के प्रावधानों का सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए।

Sanjay Kumar Kareer Desk
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