संस्कृति सुरक्षित तो हम भी सुरक्षित

पाश्र्व वाटिका में मुनि अर्हतकुमार की धर्मचर्चा

By: Yogesh Sharma

Published: 14 Jun 2020, 03:47 PM IST

मैसूरु. सिद्धार्थनगर स्थित पाश्र्व वाटिका में मुनि अर्हतकुमार ने धर्मचर्चा में कहा कि व्यक्ति को मानव जीवन मिलना बहुत दुर्लभ है। मानव में मानवता के गुण न हो तो मानव दानव समान है। हमें मर्यादा में रहकर जीवन जीना है। आज होटल, बोतल की संस्कृति ने अस्पताल को जन्म दिया है। हमारी संस्कृति सुरक्षित रहेगी तो हम भी सुरक्षित रहेंगे। मुनि भरत कुमार ने श्रद्घालुओं को जाप करवाया। मुनि जयदीप कुमार ने गीतिका का संगान किया। पाश्र्व वाटिका के लोगों ने मुनि से शेष काल में ज्यादा से ज्यादा पाश्र्ववाटिका में ही रहने की विनती की गई। सभी श्रावक-श्राविकाओं ने धर्म लाभ लिया। इस अवसर पर पाश्र्व वाटिका के अध्यक्ष धनराज ढेलडिय़ा, मंत्री सुरेश लुंकड़ एवम सहमंत्री पंकज कावडिय़ा सहित बड़ी संख्या श्रद्धालु मौजूद रहे।

विकट समय में कैसे बचा जाए
बेंगलूरु. अग्रवाल समाज कर्नाटका ने सिविल सुरक्षा के प्रमुख डॉ. पीआरएस चेतन की वेबिनार का आयोजन रविवार दोपहर १२ बजे किया। उन्होंने कठिन समय में कैसे बचा जाए। इस सैशन को ज़ूम वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से होस्ट किया। इसमें समाज के 500 से भी ज्यादा सदस्यों ने भाग लिया। इस आयोजन के दौरान समाज के अध्यक्ष संजय गर्ग ने सभी सदस्यों का स्वागत किया। वहीं समाज के सचिव विजय सराफ ने मुख्य अतिथि डॉ.पीआरएस चेतन का परिचय दिया।

Yogesh Sharma Reporting
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned