scriptCyclone effect, tomorrow nine trains will be canceled | चक्रवात का असर, कल नौ ट्रेन रद्द रहेगी | Patrika News

चक्रवात का असर, कल नौ ट्रेन रद्द रहेगी

शनिवार को भी दो ट्रेनों का परिचालन नहीं

बैंगलोर

Updated: December 02, 2021 03:55:50 pm

बेंगलूरु. चक्रवात ‘जवाद’ के चलते दक्षिण पश्चिम रेलवे ने 12 ट्रेनों का परिचालन शुक्रवार व कुछ का शनिवार के लिए निरस्त किया है। दक्षिण पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसम्पर्क अधिकारी अनीश हेगडे ऩे बताया कि ट्रेन संख्या 22883 पुरी-यशवंतपुर गरीबरथ एक्सप्रेस 03 दिसम्बर शुक्रवार को पुरी से, ट्रेन संख्या 12245 हावड़ा-यशवंतपुर दूरंतो एक्सप्रेस, हावड़ा से, ट्रेन संख्या 22817 हावड़ा-मैसूरु सुपरफास्ट एक्सप्रेस हावड़ा से, ट्रेन संख्या 12863 हावड़ा-यशवंतपुर डेली एक्सप्रेस हावड़ा से, ट्रेन संख्या 12889 टाटानगर-यशवंतपुर सुपरफास्ट एक्सप्रेस टाटानगर से, ट्रेन संख्या 12246 यशवंतपुर-हावड़ा दूरंतो एक्सप्रेस शुक्रवार को यशवंतपुर से, ट्रेन संख्या 12864 यशवंतपुर-हावड़ा सुपरफास्ट एक्सप्रेस यशवंतपुर से, ट्रेन संख्या 18048 वास्को-डा-गामा-हावड़ा अमरावती एक्सप्रेस वास्को-डा-गामा से तथा ट्रेन संख्या 18464 केएसआर बेंगलूरु-भुवनेश्वर एक्सप्रेस केएसआर बेंगलूरु से रद्द रहेगी। ट्रेन संख्या 12509 बेंगलूरु छावनी-गुवाहाटी सुपरफास्ट एक्सप्रेस गुरुवार को बेंगलूरु छावनी से शुरू होने वाली रद्द रही। ट्रेन संख्या 18463 भुवनेश्वर-केएसआर बेंगलूरु प्रशांति एक्सप्रेस शनिवार को भुवनेश्वर से, ट्रेन संख्या 18637 हटिया-बेंगलूरु छावनी एक्सप्रेस, हटिया से रद्द की गई है।
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मानव जीवन की सबसे बड़ी शक्ति विश्वास-साध्वी रिद्धिमा
धर्मसभा
बेंगलूरु. राजाजीनगर जैन स्थानक में साध्वी रिद्धिमा ने कहा कि जीवन में हार उसी की होती है जो गिर कर उठना ना चाहे। दिल में अगर जज्बा , विश्वास हो तो कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती है। मनुष्य को सहजता से पांच महत्वपूर्ण चीजें मिली हैं। प्रबल पुण्यवाणी के उदय से मनुष्य जन्म, आर्य क्षेत्र, उत्तम कुल, साधु-संतों का सुयोग और जिनवाणी और धर्म के प्रति श्रद्धा प्राप्त होती है। आत्म कल्याण के लिए यह चार दुर्लभ अवसर हमें मिले हैं। इनके बिना संसार से मुक्त होना असंभव है। मनुष्य की देह से ही साधना संभव है। मनुष्य धर्म पाकर भी जो धर्म शास्त्रों का श्रवण नहीं कर पाता, धर्म श्रवण करके भी जो मानव धर्म का श्रद्धापूर्वक आचरण नहीं कर पाता, उसका मनुष्य जन्म पाना भी निरर्थक हो जाता है। इन चारों भव की प्राप्ति से आत्मा परमात्मा पद पा लेती है। इस मनुष्य जन्म के कितने ही साल बीत गए फिर भी हम संभल नहीं पाए। परमात्मा ने कहा है कि हमें हर कार्य यतना से करना है। हमें यतना से बोलना और यतना से चलना और यतना से रहना है।
इसके पूर्व साध्वी अरहाश्री ने कहा कि विश्वास आपके जीवन को सार्थक बनाता है और अविश्वास आपके जीवन को निरर्थक बनाता है। लौकिक जीवन में श्रद्धा और विश्वास अगर है तो जीवन में किसी भी प्रकार की कोई कमी नहीं होती है। इस अवसर पर विनयकुमार कानूंगा ने गीतिका प्रस्तुत की। श्रीरामपुरम संघ अध्यक्ष शांतिलाल खिंवेसरा, सुवालाल दक, राजाजीनगर संघ के अध्यक्ष भंवरीलाल चोरडिय़ा, ज्ञानचंद लोढ़ा, नेमीचंद दलाल, महावीरचंद डोसी, समरथ कोठारी, पप्पू कुम्हार व अन्य उपास्थित थे।

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