दलित युवक को भारी पड़ा मंदिर में प्रवेश, 25 हजार रुपए जुर्माना

दलित युवक को भारी पड़ा मंदिर में प्रवेश, 25 हजार रुपए जुर्माना

Sanjay Kumar Kareer | Publish: Jun, 08 2019 09:56:43 PM (IST) Bangalore, Bangalore, Karnataka, India

ग्राम वासियों ने किया दलित युवक के परिवार का बहिष्कार

उप मुख्यमंत्री के क्षेत्र का मामला, दोषियों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश

बेंगलूरु. उप मुख्यमंत्री डॉ. जी. परमेश्वर के विधानसभा क्षेत्र कोरटगेरे में एक दलित युवक ने मंदिर में प्रवेश किया तो उस पर जुर्माना लगाने और परिवार का बहिष्कार करने का मामला सामने आया है। उप मुख्यमंत्री ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच के बाद कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।

कोरटगेरे तहसील के मल्लेकावु गांव निवासी एक दलित युवक जगदीश (२८) बेंगलूरु में ऑटो चलाता है और कामाक्षीपाल्या में रहता है। उसके माता-पिता और परिवार के अन्य सदस्य गांव में रहते हैं। पिछले दिनों गांव के प्रसिद्ध और ऐतिहासिक दोड्डम्मा देवी मंदिर का जात्रा उत्सव हुआ। २० मई को हुई विशेष पूजा के दौरान जगदीश भी मंदिर गया और उसने पूजा में भाग लिया। इस बात से नाराज कुछ लोगों ने जगदीश को पीटा और उसके परिवार को गांव छोडऩे का फरमान जारी कर दिया।

बताया गया है कि इसके बाद मंदिर अपवित्र होने की बात कहते हुए कई टैंकर पानी खरीदकर मंदिर की ध्ुालाई की गई और रंग रोगन भी करवाया गया। मंदिर प्रशासन ने इस पर करीब २५ हजार रुपए खर्च होने का दावा करते हुए यह राशि जगदीश से जुर्माना स्वरूप वसूलने के निर्देश दिये। जगदीश ने जुर्माना देने से इंकार किया और परिवार के बहिष्कार की शिकायत बडवनहल्ली पुलिस थाने में दर्ज करवाई।

जगदीश का आरोप है कि पुलिस ने राजनीतिक दबाव में कोई कार्रवाई नहीं की। उसने कुछ कन्नड़ संगठनों की सहायता लेकर जिला पुलिस अधीक्षक दिव्या गोपीनाथ से मामले की शिकायत की। इसके बाद एसपी के निर्देश पर पुलिस ने मंदिर प्रशासन और ग्राम पंचायत अध्यक्ष के खिलाफ मामला दर्ज किया है।

जांच के निर्देश

परमेश्वर ने शनिवार को तुमकूरु में मीडियाकर्मियों को बताया कि उन्हें इस मामले में जांच के निर्देश दिए गए हैं। सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। सरकार इस तरह की घटनाओं बर्दाश्त नहीं करेगी। मंदिरों में सभी समुदाय के लोगों को प्रवेश और पूजा का अधिकार है। प्रदेश में दलितों के साथ अन्याय नहीं होगा, उन्हें भयभीत होने की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन से मल्लेकावु गांंव जाकर जगदीश के परिवार को ससम्मान गांव में रहने की व्यवस्था करवाने को कहा है।

खबरें और लेख पढ़ने का आपका अनुभव बेहतर हो और आप तक आपकी पसंद का कंटेंट पहुंचे , यह सुनिश्चित करने के लिए हम अपनी वेबसाइट में कूकीज (Cookies) का इस्तेमाल करते हैं। हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति (Privacy Policy ) और कूकीज नीति (Cookies Policy ) से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned