लिंगायत धर्म पर फैसला मंत्रिमंडल की अगली बैठक में : जयचंद्रा

लिंगायत धर्म पर फैसला मंत्रिमंडल की अगली बैठक में : जयचंद्रा

Sanjay Kumar Kareer | Publish: Mar, 10 2018 10:03:16 PM (IST) Bangalore, Karnataka, India

अगली बैठक में इस मामले को लेकर आम सहमति बनेकीसंभावना

बेंगलूरु. मंत्रिमंडल की 14 मार्च को प्रस्तावित बैठक मे अलग लिंगायत धर्म की मान्यता की मांग पर फैसला किया जाएगा। कानून तथा संसदीय मामलों के मंत्री टीबी जयचंद्रा ने यह बात कही।

उन्होंने शनिवार को हुब्बली में बताया कि इस मामले को लेकर अब कोई ज्यादा मतभेद नहीं रहा है। लिहाजा अगली बैठक में इस मामले को लेकर आम सहमति बन सकती है।

उन्होंने कहा कि राज्य के अलग झंडे का प्रस्ताव केवल राज्य की अस्मिता को पहचान दिलाने के लिए किया गया है। इसका और कोई दूसरा उद्देश्य नहीं है। इस प्रस्ताव का विधानसभा चुनाव से कोई लेना-देना नहीं है।

एक अन्य सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि लोकायुक्त न्यायाधीश पी. विश्वनाथ शेट्टी पर हमले के कारण पूरे राज्य में कानून व्यवस्था में गिरावट होने का तर्क सही नहीं है।

सीएम को धार्मिक मामले में हस्तक्षेप का अधिकार नहीं

बेंगलूरु. केवल राजनीतिक लाभ के लिए मुख्यमंत्री सिद्धरामय्या लिंगायत तथा वीरशैव समुदायों के बीच खाई पैदा कर रहे हैं। किसी राजनेता को धार्मिक मामलों में हस्तक्षेप का अधिकार नहीं है। समुदाय को बांटने के ऐसे प्रयासों का पुरजोर विरोध किया जाएगा। रंभापुरी पीठ के वरिष्ठ स्वामी वीरसोमेश्वर शिवाचार्य ने यह बात कही।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के इस प्रयास के विरोध में राज्य के विभिन्न मठों के प्रमुख स्वामी शीघ्र ही अदालत में याचिका दायर कर चुनौती देंगे। समुदाय को विभाजित करने वाली कांग्रेस पार्टी को आगामी विधानसभा चुनाव में इसकी कीमत चुकानी पड़ेगी।

इस अपराध के लिए यह समुदाय कांग्रेस को माफ नहीं करेगा। उन्होंने कहा कि आज तक राज्य के किसी भी मुख्यमंत्री ने धार्मिक मामलों में हस्तक्षेप का प्रयास नहीं किया था।

उन्होंने कहा कि इस मामले में सुझाव देने के लिए गठित समिति को 6 माह का समय दिया गया था लेकिन सरकार ने दबाव डालकर केवल 2 माह में रिपोर्ट बनवा ली। इससे स्पष्ट है कि राज्य सरकार की मंशा साफ नहीं है। उन्होंने कहा कि आबादी के अनुपात को देखते हुए लिंगायत समुदाय धार्मिक अल्पसंख्यक दर्ज की मांग नहीं कर सकता है।

खबरें और लेख पढ़ने का आपका अनुभव बेहतर हो और आप तक आपकी पसंद का कंटेंट पहुंचे , यह सुनिश्चित करने के लिए हम अपनी वेबसाइट में कूकीज (Cookies) का इस्तेमाल करते हैं। हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति (Privacy Policy ) और कूकीज नीति (Cookies Policy ) से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned