दीक्षा संसार सागर को पार करनेवाली नौका

साध्वी प्रतिभाश्री ने दीक्षार्थी सिमरन जैन और प्रीति जैन को आशीर्वाद प्रदान करते हुए कहा कि दीक्षा अनादि काल से लगी भूख और तृष्णा को मिटा कर आत्मा को पुष्ट करने वाला दिव्य अमृत है।

बेंगलूरु. साध्वी प्रतिभाश्री ने दीक्षार्थी सिमरन जैन और प्रीति जैन को आशीर्वाद प्रदान करते हुए कहा कि दीक्षा अनादि काल से लगी भूख और तृष्णा को मिटा कर आत्मा को पुष्ट करने वाला दिव्य अमृत है। दीक्षा समस्त संसार के प्राणियों को अभयदान देकर आत्मा को निर्मल बनाने वाली पवित्र गंगा है।

दीक्षा सम्यक दर्शन व ज्ञान व सम्यक चरित्र रूपी रत्नत्रयी की सुंदर खदान है। दीक्षा संसार सागर को पार करने हेतु श्रेष्ठ नौका है। जो भी आत्मा संयम को साध लेता है उसका मानव जीवन धन्य हो जाता है। दीक्षा आत्म कल्याण के लिए होती है और आत्म कल्याण की राह बड़ी कठिन है।
विल्सन गार्डन संघ की ओर से दीक्षार्थियों का स्वागत किया गया।

अविनाश लोढ़ा ने बताया कि दोनों मुमुक्षुओं की दीक्षा 8 दिसंबर को पूना के चिंचवड में उपाध्याय रविंद्र मुनि, श्रमण संघीय सलाहकार रमणीक मुनि व साध्वी रिद्धिमा के सानिध्य में होगी। गौतम धारीवाल ने साध्वी प्रतिभाश्री को 2020 का चतुर्मास घोषित होने पर शुभकामनाएं दीं।

Santosh kumar Pandey
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