गन्ना उत्पादक किसानों ने की बकाए के भुगतान की मांग

10 चीनी मिलों का 193 करोड़ का बकाया

एचडी कुमारस्वामी ने प्रचार के दौरान गन्ना उत्पादक किसानों का बकाया दिलाने का वादा किया था

बेंगलूरु. बेलगावी जिले के गन्ना उत्पादक किसानों ने जिले की 10 चीनी मिलों से बकाया 193 करोड़ रुपए का बकाए का शीघ्र भुगतान करने की मांग रखी है। भुगतान को लेकर गत वर्ष शीतकालीन सत्र के दौरान किसानों ने सुवर्णसौधा के सामने विरोध-प्रदर्शन भी किया था। लेकिन अब तक भुगतान नहीं होने से नाराज किसानों ने चीनी मिल मालिकों के खिलाफ प्रदर्शन की चेतावनी दी है। राज्य में मंड्या जिले के बाद बेलगावी जिले में ही अधिक चीनी मिले हैं और जिला चीनी उत्पादन में दूसरे स्थान पर है।

जिले के सहकारिता तथा निजी क्षेत्र के 23 चीनी मिल में से 17 निजी क्षेत्र की चीनी मिलों ने किसानों को 568 करोड़ रुपए का बकाया रखा था। इसमें से निजी क्षेत्र की 7 चीनी मिल ने 344 करोड़ रुपए के बकाए का भुगतान किया है। अभी भी 10 चीनी मिलों ने 193 करोड़ 44 लाख रुपए बकाए का भुगतान नहीं किया है। पिछले वर्ष का पेराई का सीजन पूरा हुए 8 माह का समय गुजरने के बावजूद इस बकाए का भुगतान नहीं होने से जिले के गन्ना उत्पादक परेशान है।


जिलाधिकारी के नेतृत्व में बैठक
जिलाधिकारी एस.जियाउल्ला के मुताबिक गन्ना उत्पादकों की बकाया राशि के भुगतान के लिए शनिवार को चीनी मिल प्रबंधन तथा गन्ना उत्पादक किसान संघ के पदाधिकारियों की बैठक बुलाई गई है। बैठक में समस्या के समाधान का प्रयास किया जाएगा। जिला प्रशासन की जानकारी के अनुसार जिले की 7 निजी चीनी मिलों ने 6 जून तक 344 करोड़ 60 लाख रुपए का भुगतान किया है। निजी क्षेत्र की 10 चीनी मिलों ने 193 करोड़ 44 लाख रुपए का भुगतान नहीं किया है। इन मिलों के प्रबंधन को बैठक में आने के लिए सूचित किया गया है। गौरतलब है कि मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी ने विधानसभा चुनाव के लिए प्रचार के दौरान गन्ना उत्पादक किसानों का बकाया दिलाने का वादा किया था।

कुमार जीवेन्द्र झा
और पढ़े
खबरें और लेख पढ़ने का आपका अनुभव बेहतर हो और आप तक आपकी पसंद का कंटेंट पहुंचे , यह सुनिश्चित करने के लिए हम अपनी वेबसाइट में कूकीज (Cookies) का इस्तेमाल करते हैं। हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति (Privacy Policy ) और कूकीज नीति (Cookies Policy ) से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned