सूखे के लिए केंद्र से मांगे 2 हजार 64 करोड़ रुपए

राज्य के मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी ने शनिवार को नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात कर 2 हजार 64 करोड़ रुपए की सूखा राहत सहायता की मांग की।

By: शंकर शर्मा

Published: 10 Mar 2019, 11:06 PM IST

बेंगलूरु. राज्य के मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी ने शनिवार को नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात कर 2 हजार 64 करोड़ रुपए की सूखा राहत सहायता की मांग की। इस भेंट में उन्होंने प्रधानमंत्री से राज्य में व्याप्त सूखे की गंभीर स्थिति के बारे में बताया।


प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सौंपे एक ज्ञापन में कुमारस्वामी ने कहा कि लगातार सूखा और अनियमित बारिश ने राज्य में कृषि संकट पैदा कर दिया है। इसलिए राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया निधि से 2 हजार 64 करोड़ रुपए जारी करने की प्रक्रिया शीघ्र शुरू करने का अनुरोध है। कुमारस्वामी ने प्रधानमंत्री को बताया कि लंबे अरसे से बारिश की कमी के कारण राज्य के 176 में से 156 तहसीलों में सूखा है।


इनमें से 107 तहसीलों में सूखे की स्थिति काफी गंभीर है। सूखे के हालात के कारण 16 हजार 500 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ, जिसकी भरपाई के लिए राज्य सरकार ने केंद्र से 2 हजार 434 करोड़ रुपए की सहायता मांगी थी। लेकिन, जनवरी में केवल 949.49 करोड़ रुपए ही दिए गए। मुख्यमंत्री ने कहा कि खरीफ और रबी सत्र के दौरान कुल 32 हजार 335 करोड़ रुपए की फसल का नुकसान हुआ है। इससेे राज्य की अर्थव्यवस्था पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है। कुमारस्वामी ने महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) के लिए 1351 करोड़ रुपए की भी मांग की।

महादयी पंचाट के आदेश पर केंद्र की अधिसूचना का इंतजार
बेंगलूरु. महादयी पंचाट के आदेश के अनुसार राज्य के हिस्से का पानी अब भी नहीं मिल रहा है। इसके लिए राज्य सरकार को केंद्र की अधिसूचना का इंतजार है। राज्य के जल संसाधन मंत्री डीके शिवकुमार ने शनिवार को कहा कि अपने हिस्से के पानी के उपयोग के लिए केंद्र सरकार पर दबाव बना रहे हैं।


उन्होंने कहा कि महादयी नदी जल प्राधिकरण ने अपने आदेश में राज्य के लिए 13.5 टीएमसी फीट पानी आवंटित की है। एक बार इसकी अधिसूचना केंद्र की ओर से जारी हो जाए तो राज्य सरकार अपने हिस्से के पानी के उपयोग के लिए कदम उठाएगी। बजट में इसके लिए कोई प्रावधान नहीं किए जाने के सवाल पर उन्होंने कहा कि केंद्र की मंजूरी मिलते ही परियोजना शुरू हो जाएगी।


इससे पहले अगस्त 2018 में पंचाट ने अपने फैसले में मुंबई-कर्नाटक क्षेत्र में पेयजल के लिए 5.5 टीएमसी फीट और ऊर्जा उत्पादन के लिए 8.2 टीएमसी फीट पानी छोडऩे का आदेश दिया था। मंड्या सीट से सुमालता की उम्मीदवारी पर शिवकुमार ने कहा कि उन्हें विश्वास में लिया जा चुका है।

शंकर शर्मा
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