रिश्वत लेने के आरोप में उप निदेशक निलंबित

रिश्वत लेने के आरोप में उप निदेशक निलंबित

Shankar Sharma | Publish: Jun, 15 2018 05:28:48 AM (IST) Bangalore, Karnataka, India

मुख्यमंत्री एच.डी. कुमारस्वामी ने भ्रष्टाचार के आरोप में सार्वजनिक शिक्षा विभाग के उप निदेशक (बेंगलूरु उत्तर जिला) अब्दुल काजी को निलंबित कर विभागीय जांच के आदेश दिए हैं।

बेंगलूरु. मुख्यमंत्री एच.डी. कुमारस्वामी ने भ्रष्टाचार के आरोप में सार्वजनिक शिक्षा विभाग के उप निदेशक (बेंगलूरु उत्तर जिला) अब्दुल काजी को निलंबित कर विभागीय जांच के आदेश दिए हैं। कुमारस्व्मी ने पत्रकारों को बताया कि उनकी सरकार को रिश्वत लेने और कामचोर अधिकारियों की जरूरत नहीं है। ऐसे अधिकारियों को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।


जनता दर्शन के दौरान कई लोगों ने विशेष रूप से अभिभावकों ने शिकायत की थी कि शिक्षा के अधिकार (आरटीइ) के तहत बच्चों को निजी स्कूलों में प्रवेश के आवेदन दिए थे। निजी स्कूलों ने प्रवेश देने से इनकार किया। अभिभावकों ने इसकी शिकायत अब्दुल काजी से की, फिर भी कोई कार्रवाई नहीं हुई।


शिकायतकर्ताओं के अनुसार अब्दुल ने निजी शिक्षा संस्थानों से रिश्वत ली। इसके अलावा कई शिक्षा संस्थानों को ब्लैकमेल कर लाखों रुपए रिश्वत लेने का भी आरोप है। जांच करवाने पर काजी के खिलाफ लगाए गए सभी आरोप सच साबित होने पर उन्हें निलंबित किया गया है।


मुख्यमंत्री ने कहा कि इस तरह लोगों की शिकायतों पर शीघ्र कार्रवाई करने के बजाए आरोपियों की सहायता करने वाले अधिकारियों के खिलाफ सख्ती होगी। जरूरत पडऩे पर निलंबित करने के बजाए सेवा से बर्खास्त भी किया जाएगा। इसमें कोई संदेह नहीं कि कुछ अधिकारी सरकार को बदमान करने के लिए इस तरह का काम करते हैं।

सीआइडी ने दर्ज किए पुलिस कर्मचारियों के बयान
बेंगलूरु. सीआइडी पुलिस ने एक समाजकंटक से मुठीभेड़ के मामले में बेलगावी जिला अपराध रिकार्ड ब्यूरो (डीसीआरबी) के पुलिस उप निरीक्षक गोपाल हल्लूर और चार आरक्षकों से पूछताछ कर बयान दर्ज किए हैं।


विजयपुर जिले के भीमा नदी के तट पर बसे एक गांव में चड़चण और बैरागोंडा नामक दो परिवारों के बीच संपत्ति विवाद को लेकर कई सालों से दुश्मनी थी। चड़चण परिवार के सदस्य गंगाधर की गत वर्ष अक्टूबर में ही हत्या हो गई थी। इससे पूर्व गंधागर की मां विमला बाई ने विजयपुर के आदर्श नगर पुलिस थाने में पुत्र के गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस उसका सुराग नहीं लगा सकी। विमला बाई ने कलबुर्गी हाई कोर्ट की सर्किट बैंच में बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका दाखिल की थी। सर्किट बैंच ने पुलिस को गंगाधर का सुराग लगाकर उसे न्यायालय के समक्ष पेश करने का निर्देश दिया। विमला बाई ने पुत्र को गायब करने में महादेव साहूकार, हनुमंता पुजारी, भीम पुजारी और सिद्धागुंडप्पा का हाथ होने का आरोप लगाया था।


पुलिस ने मामले की जांच कर हनुमंता पुजारी और सिद्धगुंडप्पा को गिरफ्तार कर पूछताछ की। दोनों ने बताया कि गत वर्ष अक्टूबर में इंडी तहसील के कोंकण गांव के पास गंगाधर की हत्या कर दी गई।


पुलिस निरीक्षक गोपाल हल्लूर कोंकण के एक फार्म हाउस पर छापा मार कर कर हथियारों के सौदागर और खतरनाक समाजकंटक धर्मराज को गिरफ्तार करने गए। दोनों तरफ से फायरिंग होने पर धर्मराज को तीन गोलियां लगीं। उसे विजयपुर की सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां दो दिन बाद धर्मराज ने दम तोड़ दिया था। गोपाल हल्लूर को भी गोली लगी थी।


इस अवसर पर फार्म हाउस पर गंगाधर कों भी देखा गया था। विमला बाई ने आरोप लगाया था कि खुद पुलिस ने ही गंगाधर का अपहरण कर उसके विरोधी महादेव के हवाले किया था। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक प्रकाश निक्कम ने इस मामले की जांच सीआइडी से कराने पुलिस महा निरीक्षक से अनुरोध किया था।

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