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मंदिरों को नियंत्रण मुक्त करना ऐतिहासिक भूल : शिवकुमार

  • हिंदू संगठनों की लंबे समय से मांग रही है कि मंदिरों को सरकारी नियंत्रण से मुक्त कर उन्हें हिंदू समाज को सौंप दिया जाए। इस फैसले को बोम्मई सरकार द्वारा एक और बड़े कदम के रूप में देखा जा रहा है

बैंगलोर

Updated: December 31, 2021 03:50:42 pm

बेंगलूरु. कांग्रेस ने हिंदू मंदिरों (Hindu Temples) को सरकार के नियंत्रण से मुक्त करने संबंधी राज्य सरकार के फैसले की कड़ी आलोचना करते हुए इसे ऐतिहासिक भूल करार दिया है। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष डीके शिवकुमार (Karnakata Congress chief DK Shivakumar ) ने गुरुवार को कहा कि यह एक ऐतिहासिक भूल है और कांग्रेस ऐसा नहीं होने देगी।

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उन्होंने कहा कि वर्तमान में सरकार के स्वामित्व वाले मंदिर राज्य की संपत्ति और उसके खजाने हैं। वे एक ऐतिहासिक भूल कर रहे हैं, मुजराई विभाग या सरकारी मंदिर स्थानीय लोगों को प्रशासन के लिए कैसे दे सकते हैं? यह सरकारी संपत्ति है। सरकारी कोष है। करोड़ों रुपए इन मंदिरों से वसूले जाते हैं। भाजपा (BJP) सरकार कुछ अन्य राज्यों को लेकर क्या राजनीतिक रुख अपनाने की कोशिश कर रहे हैं?

उन्होंने कहा कि यह कर्नाटक में नहीं हो सकता और कांग्रेस इसकी अनुमति नहीं देगी। उन्होंने कहा, चार जनवरी को हम सभी वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं की बैठक कर रहे हैं, जिस दौरान हम इस पर चर्चा करेंगे और अपना रुख सामने रखेंगे।

मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई (chief minister Basavaraj Bommai) ने बुधवार को हुब्बल्ली में भाजपा प्रदेश कार्यकारी बैठक में कहा था कि राज्य सरकार हिंदू मंदिरों को नियंत्रित करने वाले वर्तमान कानूनों और नियमों से मुक्त करने के लिए एक कानून लाएगी। सीएम ने कहा कि सरकार बजट सत्र से पहले इस आशय का कानून लाएगी। हम अपने मंदिरों को ऐसे कानूनों और शर्तों से मुक्त कर यह सुनिश्चित करेंगे कि उनका प्रबंधन स्वतंत्र रूप से किया जाए।

हिंदू संगठनों की लंबे समय से मांग रही है कि मंदिरों को सरकारी नियंत्रण से मुक्त कर उन्हें हिंदू समाज को सौंप दिया जाए। इस फैसले को बोम्मई सरकार द्वारा एक और बड़े कदम के रूप में देखा जा रहा है।

राज्य में 34 हजार से ज्यादा मंदिर
राज्य में कुल 34,563 मंदिर मुजराई (हिंदू धार्मिक बंदोबस्ती) विभाग के अंतर्गत आते हैं, जिन्हें उनके राजस्व सृजन के आधार पर ग्रेड ए, बी और सी के रूप में वर्गीकृत किया गया है। 25 लाख रुपए से अधिक वार्षिक राजस्व वाले 207 मंदिर ए श्रेणी में आते हैं। 5 से 25 लाख रुपए के बीच राजस्व वाले 139 मंदिर बी श्रेणी और 5 लाख रुपए से कम राजस्व वाले 34,217 मंदिर सी श्रेणी के अंतर्गत आते हैं।

किसी से व्यक्तिगत द्वेष नहीं
पूर्व मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी के बयान के बारे में उन्होंने कहा कि कांग्रेस की राजनीतिक जंग किसी व्यक्ति या परिवार पर केंद्रित नहीं है। सभी राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों के साथ चल रहा कांग्रेस का संघर्ष जारी रहेगा। उनके मन में कुमारस्वामी के प्रति कोई व्यक्तिगत द्वेष नहीं है।

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