इच्छाओं का कभी अंत नहीं होता: आचार्य चंद्रयश

  • सिद्धाचल स्थूलभद्र धाम में प्रवचन

By: Santosh kumar Pandey

Published: 25 Sep 2021, 05:40 PM IST

बेंगलूरु. सिद्धाचल स्थूलभद्र धाम में आचार्य चंद्रयश सूरीश्वर ने कहा कि वर्तमान में व्यक्ति के पास सब कुछ है फिर भी वह सुखी नहीं है। उसके पास संतोष का सुख नहीं है।

जिसके जीवन में संतोष हो वह बिना पैसे भी सुखी रह सकता है और जिसके पास संतोष का धन नहीं वह करोड़ों का मालिक होने पर भी दुखी ही रहेगा। इच्छाओं का कभी अंत नहीं होता। उसे जितना पूरा करोगे वह उतनी ही बढ़ती जाएगी।
उन्होंने कहा कि अधिकांश जीव दुखी है, क्योंकि वे असंतुष्ट हैं।

आवश्यकता अनुसार न मिलने पर जितने दु:खी हंै उससे अधिक इच्छा अनुसार न मिलने पर दु:खी हैं, चाहे वो आवश्यकता से अधिक ही क्यों न हो। वास्तव में सच्चा सुखी तो संतोषी ही है।
उन्होंने कहा कि जीवन जीने के लिए धन मात्र साधन ही होना चाहिए ,साध्य नहीं।

गिरिराज विकास एवं सात क्षेत्र में दान योजना बनाई है जिसमें विश्व के 7 लाख जैनों को जोडऩे की पहल की है। मेंगलूरु से आए वासुपूज्य महिला मंडल भी ऋषभ परिवार में जुड़ा, 54 परिवार को और जोडऩे की प्रेरणा दी।

Santosh kumar Pandey Desk
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