दीक्षा से रुकते हैं पाप

दीक्षा से रुकते हैं पाप

Rajendra Shekhar Vyas | Updated: 19 May 2019, 05:52:58 PM (IST) Bangalore, Bangalore, Karnataka, India

राजराजेश्वरी नगर में साध्वी यशोमती की धर्मसभा

बेंगलूरु. राजराजेश्वरी नगर में विराजित साध्वी यशोमती ने कहा आज आचार्य महाश्रमण का दीक्षा दिवस है, दीक्षा गुरु द्वारा दी जाती है, आगम ज्ञान की रोशनी दी जाती है, जिसके द्वारा वे कर्म क्षीण करते हैं।
दीक्षा दिवस पर आयोजित रात्रिकालीन कार्यक्रम में साध्वी ने दीक्षा का सरल अर्थ सुन्दर बताया। दीक्षा से पाप रुकते हैं, भव परंपरा सीमित होकर समाप्त होती है। दीक्षा के अनेक लाभ हैं। साध्वी ने अपने वैराग्य की घटना सुनाई। साध्वी रचनाश्री ने कहा कि आज के दिन महाश्रमण ने संयम जीवन स्वीकार किया था। आचार्य महाश्रमण संयम चेतना जागृति में सतत प्रवर्धमान हैं। रजनी नेहा बैद ने मंगलाचरण से कार्यक्रम का शुभारंभ किया। अरुण कोठारी ने विचार व्यक्त किए। साध्वी किरणमाला ने कविता प्रस्तुत की। सभा अध्यक्ष कमल दुगड़ ने कहा कि आचार्य महाश्रमण में स्वात्मानुशासन सहज है। संचालन साध्वी रचनाश्री ने किया।
 मंड्या  के तेरापंथ सभा भवन में शनिवार को आचार्य महाश्रमण का 58वां जन्म दिवस, 10वां पटोत्सव एवं 46वां दीक्षा दिवस मनाया गया। प्राची भंसाली ने महाश्रमण अष्टकम से मंगलाचरण किया। महिला मंडल ने सामूहिक गीतिका की प्रस्तुति दी। सभा अध्यक्ष प्रकाश भंसाली ने स्वागत किया। अणुव्रत समिति अध्यक्ष विनोद भंसाली, चंदनमल बोहरा ने भी आचार्य महाश्रमण का गुणगान किया। महिला मंडल की मंत्री पूनम बोहरा व यशोदा भंसाली ने गुरुदेव की दीक्षा पर विचार व्यक्त किए। युवक परिषद उपाध्यक्ष कमलेश गोखरू, विकास भंसाली ने गीतिका की प्रस्तुति दी। संचालन तेरापंथ सभा मंत्री भंवरलाल गोखरू ने किया।

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