येडि से मतभेद हैं, बागी नहीं हूं: ईश्वरप्पा

राज्यपाल को लिखे पत्र से उपजे विवाद का मामला

By: Jeevendra Jha

Updated: 04 Apr 2021, 02:09 AM IST

बेंगलूरु. विभागीय कामकाज में कथित दखल को लेकर मुख्यमंत्री बीएस येडियूरप्पा के खिलाफ राज्यपाल को पत्र लिखने से उपजे विवाद पर वरिष्ठ मंत्री केएस ईश्वरप्पा ने कहा कि वे भाजपा के समर्पित कार्यकर्ता हैं। मुख्यमंत्री से उनके वैचारिक मतभेद हैं, व्यक्तिगत नहीं। न तो वे बागी नहीं हैं और ना ही येडियूरप्पा के खिलाफ हैं।
पत्र को लेकर उपजे विवाद के दो दिन बाद शुक्रवार को मैसूरु में पत्रकारों से बातचीत में ईश्वरप्पा ने राज्यपाल को पत्र लिखने को बगावत मानने से इनकार करते हुए कहा कि वे पार्टी के प्रतिबद्ध कार्यकर्ता हैं। ईश्वरप्पा ने कहा कि नियमों के उल्लंघन से जुड़े इस मसले को उन्होंने पार्टी के प्रदेश प्रभारी अरुण सिंह, राष्ट्रीय महासचिव सी टी रवि और प्रदेश अध्यक्ष नलिन कुमार कटील के संज्ञान में भी लाया था। ईश्वरप्पा ने कहा कि इन नेताओं ने भी उनके रूख का समर्थन किया। ईश्वरप्पा ने कुछ मंत्रियों और विधायकों के अलोचनात्मक बयानों के बारे में पूछे जाने पर कहा कि वे इससे विचलित नहीं हैं। ईश्वरप्पा ने दावा किया कि उनके खिलाफ बयान देने वाले कुछ मंत्रियों और विधायकों ने उन्हें बाद में फोन कर अपना समर्थन जताया और विरोध में बोलने के लिए दबाव की बात कही। ईश्वरप्पा ने कहा कि येडियूरप्पा के करीबी लोग उन्हें गुमराह कर रहे हैं। अपने और मुख्यमंत्री के इस्तीफे की विपक्षी कांग्रेस की मंाग को खारिज करते हुए ईश्वरप्पा ने कहा कि उन्होंने सिर्फ नियमों के उल्लंघन की बात को उठाया है।

प्रशासनिक नियमों पालन अनिवार्य
ईश्वरप्पा ने कहा कि वित्त विभाग बजट प्रावधानों के मुताबिक हर विभाग को धन का आवंटन करता है ओर उसके बाद संबंधित विभाग के मंत्री और प्रशासनिक अधिकारी उस राशि के उपयोग की योजना तैयार करते हैं। वित्त विभाग के अधिकारियों ने मुझे जानकारी दिए बिना ही मेरे विभाग को आवंटित राशि में ६५ करोड़ रुपए बेंगलूरु शहरी जिला पंचायत और विधायकों को १२६९ करोड़ रुपए सीधे आवंटित कर दिया, जो नियमों का उल्लंघन है। ईश्वरप्पा ने कहा कि अगर मुख्यमंत्री निर्देश देते तो विभाग की ओर से ही अनुदान जारी किया जा सकता था। उन्होंने इसे राजनीतिक संघर्ष मानने से इनकार करते हुए कहा कि यह गलत परंपरा की शुरुआत होगी।

सिद्धरामय्या

राष्ट्रपति शासन की सिफारिश करें राज्यपाल
राज्यपाल राज्य में राष्ट्रपति शासन लगाने के लिए केंद्र से सिफारिश करें क्योंकि, प्रदेश में प्रशासनिक मशीनरी ध्वस्त हो गई है। भाजपा सरकार गैर-जिम्मेदार हो गई है और भ्रष्टाचार ने जड़ें जमा ली हैं। सरकार के मंत्रियों के बीच आपसी सामंजस्य बिल्कुल नहीं है। विकास कार्य पूरी तरह ठप हो गए हैं। मुख्यमंत्री बीएस येडियूरप्पा को तुरंत अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए।आरोप एक वरिष्ठ भाजपा नेता की ओर से लगाए गए हैं, विपक्षी पार्टी के नेता ने नहीं।
- सिद्धरामय्या, नेता प्रतिपक्ष, विधानसभा

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पत्र लिखना सही नहीं
किसी वरिष्ठ मंत्री का मुख्यमंत्री के खिलाफ ही राज्यपाल को पत्र लिखना अप्रत्याशित है। ईश्वरप्पा जैसे वरिष्ठ नेता से इसकी अपेक्षा नहीं थी। सरकार मुख्यमंत्री के नेतृत्व में काम करती है। अगर कोई मतभेद था तो उसे सार्वजनिक करने के बजाय बातचीत से दूर किया जा सकता था। मंत्रिमंडल की बैठक या पार्टी मंच पर भी उठाया जा सकता था।
- लहर सिंह सिरोया, विधान पार्षद, भाजपा

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