टीकाकरण केंद्र नहीं पहुंच पाने वाले नि:शक्तजन घर पर लगवा सकेंगे टीका

- 30 फीसदी आबादी ने लगाई वैक्सीन
- टीके से जुड़ी भ्रांतियां आड़े

By: Nikhil Kumar

Published: 11 Jun 2021, 08:38 PM IST

बेंगलूरु. कोरोना टीकाकरण के लिए केंद्र नहीं पहुंच पाने वाले नि:शक्तजनों को घर पर टीका लगेगा। कर्नाटक उच्च न्यायालय के निर्देश के बाद राज्य सरकार ने अब तक 30 फीसदी नि:शक्तजनों का टीकाकरण किया है। अधिकारियों के अनुसार लोगों को टीका लगवाने के लिए समझाना अभी भी एक चुनौती है। कई लोगों को डर है कि टीकाकरण से मौतें होती हैं। ग्राम और शहरी पुनर्वास कार्यकर्ताओं के माध्यम से जागरूकता कार्यक्रम जारी है।

मैसूर, चामराजनगर, चित्रदुर्ग और चिकमगलूरु उन जिलों में से हैं जहां टीकाकरण को लेकर सबसे ज्यादा झिझक है। बेंगलूरु शहरी जिले में टीकाकरण दर करीब 40 फीसदी है। दावणगेरे जिले में सबसे ज्यादा 75 फीसदी लोगों का टीकाकरण हुआ है। कोलार जिले में 63 फीसदी और चिकबल्लापुर जिले में टीकाकरण की दर 60 फीसदी है।

8.62 लाख आबादी
विकलांग और वरिष्ठ नागरिकों के अधिकारिता विभाग के निदेशक वी. मणिराजू ने बताया कि सरकार ने नि:शक्तजनों के टीकाकरण के लिए एक विशेष अभियान शुरू किया है और राज्य भर में लगभग 1.60 लाख लोगों का टीकाकरण हुआ है। आंकड़ों के अनुसार राज्य में 8.62 लाख विशेष रूप से सक्षम नागरिक हैं, जिनमें से 2.5 लाख 45-60 आयु वर्ग के हैं जबकि 2.96 लाख 18 से 44 वर्ष के बीच के हैं।

तालुक स्तर पर हेल्पलाइन स्थापित
उन्होंने बताया कि विभाग ने गैर सरकारी संगठनों के साथ करार किया है और विशेष अभियान के समन्वय के लिए तालुक स्तर पर नोडल अधिकारियों की प्रतिनियुक्ति की है। कई जगहों पर स्वयंसेवक लोगों को नजदीकी टीकाकरण केंद्रों तक पहुंचा रहे हैं। ऐसे मामलों में जहां नि:शक्त लोग टीकाकरण केंद्रों पर नहीं जा सकते हैं, टीके घर पर दिए जा रहे हैं। विभाग ने तालुक स्तर पर हेल्पलाइन स्थापित की है। यदि कोई व्यक्ति टीकाकरण केंद्र नहीं जा सकता है, तो हेल्पलाइन पर कॉल कर मदद ले सकता है। घर पर ही टीकाकरण की व्यवस्था की जाएगी।

पहचान पत्र की जरूरत नहीं
टीके से कोई वंचित न रह जाए, यह सुनिश्चित करने के लिए सरकार किसी भी पहचान पत्र पर जोर नहीं दे रही है। लाभान्वितों को विशिष्ट विकलांगता पहचान पत्र तक दिखाने की आवश्यकता नहीं है।

विभाग ने दिव्यांग नागरिकों की पेंशन के डेटाबेस के आधार पर इन नागरिकों की पहचान की है। हालांकि, प्रत्येक तालुक में कोई छूट गया हो तो वह नोडल अधिकारी से संपर्क कर सकता है। उन्हें भी टीका लगाया जाएगा।

Nikhil Kumar Reporting
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