अगले साल से स्नातक विद्यार्थियों को लैपटाप नहीं मिलेंगे: अश्वथनारायण

शुरू में इस योजना के तहत 96 हजार विद्यार्थियों का चयन किया गया था और उस सूची को संशोधित करके अब 1.9 लाख विद्यार्थियों को लैपटाप वितरित किए जा रहे हैं जिस पर कुल 311 करोड़ रुपए खर्च करने पड़े हैं। राज्य में स्थित 400 से अधिक सरकारी स्नातक कालेजों में बुनियादी सुविदाएं नहीं हैं और सरकारी कालेजों को नैक की मान्यता नहीं मिली है। भारी भरकम खर्च करके लैपटाप वितरित करने का यह मसला विचार करने योग्य है।

By: Surendra Rajpurohit

Published: 19 Mar 2020, 10:06 PM IST

बेंगलूरु

राज्य के उच्च शिक्षा मंत्री डा. सी.एन. अश्वथनारायण ने कहा कि अगले अकादमिक वर्ष से स्नातक के विद्यार्थियों को लैपटाप का वितरण करना स्थगित कर दिया जाएगा।

विधानसभा मे गुरुवार को प्रश्नकाल के दौरान हालप्पा आचार, अरगा ज्ञानेन्द्र के सवालों के जवाब में उन्होंने कहा कि वर्ष 2019-20 के दौरान सभी स्नातक विद्यार्थियों को लैपटाप दिए जाएंगे लेकिन अगले साल से लैपटाप वितरित करना बंद कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह पिछली सरकार की एक योजना है। 2017-18 में मुख्यमंत्री के पद पर आसीन सिद्धरामय्या ने इस योजना को लागू किया था। इसके बाद मुख्यमंत्री बने एच.डी. कुमारस्वामी ने इस योजना को जारी रखा था। लेकिन यह आर्थिक तौर पर महंगी योजना है।

राज्य के विविध सरकारी कालेजों में पढ़ऩे वाले सभी जातियों के विद्यार्थियो को इस योजना के तहत लैपटाप वितरित किए जा रहे हैं। शुरू में इस योजना के तहत 96 हजार विद्यार्थियों का चयन किया गया था और उस सूची को संशोधित करके अब 1.9 लाख विद्यार्थियों को लैपटाप वितरित किए जा रहे हैं जिस पर कुल 311 करोड़ रुपए खर्च करने पड़े हैं। राज्य में स्थित 400 से अधिक सरकारी स्नातक कालेजों में बुनियादी सुविदाएं नहीं हैं और सरकारी कालेजों को नैक की मान्यता नहीं मिली है। भारी भरकम खर्च करके लैपटाप वितरित करने का यह मसला विचार करने योग्य है।

मंत्री ने कहा कि हमारी सरकार कालेजों में बुनियादी ढांचे के विकास पर बल दे रही है। पिछली सरकार ने 2019-20 में लैपटाप देने के लिए वित्त विभाग की अनुमति से निविदाएं मंगवाकर ठे दे दिया था। इसके मुताबिक इस साल स्नातक प्रथम वर्, में दाखिला लेने वाले विद्यार्थियों को लैपटाप विचरित किए गए हैं।अगले साल से इस योजना को स्थगित कर दिया जाएगा। स्नातक के दूसरे व तीसरे वर्ष में पढ़ाई कर रहे विद्यार्थियों के लिए लैपटाप देने का प्रस्ताव सरकार के समक्ष नहीं है। प्रथम वर्ष में प्रवेश लेने वाले विद्यार्थी तीन सालों तक एक ही कालेज में पढ़ते हैं लिहाजा लैपटाप वितरित करने का निर्णय किया गया था।

Surendra Rajpurohit Reporting
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