चार सौ कुडिया जनजाति परिवारों को पौष्टिक आहार बांटा

चार सौ कुडिया जनजाति परिवारों को पौष्टिक आहार बांटा

Shankar Sharma | Publish: Sep, 09 2018 10:22:11 PM (IST) Bangalore, Karnataka, India

कर्नाटक समाज कल्याण विभाग की ओर से अनुसूचित जनजाति कुडिया समुदाय के चार सौ परिवारों को पौष्टिक आहार की आपूर्ति की गई है।

मडिकेरी. कर्नाटक समाज कल्याण विभाग की ओर से अनुसूचित जनजाति कुडिया समुदाय के चार सौ परिवारों को पौष्टिक आहार की आपूर्ति की गई है। ये लोग हाल ही आई बाढ़ से प्रभावित हुए थे। कल्याण कार्यक्रम के तहत और परिवारों को पौष्टिक आहार की आपूर्ति की जाएगी। राज्य सरकार की कल्याणकारी योजना के तहत यह कार्यक्रम आगे भी जारी रखा जाएगा।अधिकारियों की टीम ने हाल ही बाढ़ प्रभावित कोडुगू जिले का दौरा कर नुकसान का आंकलन किया तथा तुरंत प्रभावितों की आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए कदम उठाए गए।


अधिकारियों का कहना है कि पुनर्वास की स्थायी व्यवस्था के बारे में भी विचार किया जा रहा है। यहां जारी सरकारी विज्ञप्ति में बताया गया कि कोडुगू जिले में सरकार ने हाशिये पर पड़े लोगों तथा अनुसूचित जनजाति जेनु कुरुबा, इरावा, सोलिगा और काडु कुरुबा तथा मैसूरु, दक्षिण कन्नड़, उडुपी, चिक्कमगलूरु और शिवमोग्गा के वन क्षेत्रों में रह रहे काडु कुरुबा, जेनु कुरुबा, सोलिगा, इरावा, सिद्धि, माले कुडी, कडिया, गोवडालु और हसालुरु अनुसुचित जनजाति के लोगों को अतिरिक्त खाद्य सामग्री आवंटित की गई। समुदाय से जुड़े परिवारों को १५ किलो अनाज दिया गया। इसमें चना, चावल, गेहूं, रागी, पांच किलो तूअर दाल, दो लीटर तेल, चार किलो चीनी, ४५ अण्डे और १ किलो नंदिनी घी शामिल है। यह सामग्री उन्हें अन्न भाग्या योजना के तहत मिलने वाली सामग्री से अतिरिक्त है।


बताया गया कि आठ जिलों के ४१,४७६ अनुसूचित जनजाति परिवारों को सहायता दी गई। सरकार ने इनके लिए इस बावत ६० करोड़ रुपए वार्षिक अनुुदान आवंटित कर दिया है। आकलन करने के बाद अधिकारियों ने पाया कि कोडुगू जिले के चार सौ कुडिया जनजाति परिवार योजना से नहीं जुड़ पाए थे। अब इन्हें जोड़ लिया गया है।

नरसिम्ह स्वामी देवस्थान में पूजा
मंड्या. सातनुर गांव में श्रावण मास शनिवार के उपलक्ष्य में प्राचीन योग नरसिम्ह स्वामी देवस्थान में विशेष पूजा, अर्चना व आरती में भाग लेने के लिए स्थानीय लोगों के अलावा आसपास गांवों से से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। देवस्थान में प्रतिमा का फूलों से अलंकार कर सजाया गया। मंदिर को विद्युत लाइटों व फूल मालाओं से सजाया गया। भक्तों को प्रसाद वितरित किया गया। दोपहर में भव्य शोभायात्रा निकाली गई। उधर, मेलकोटे पहाड़ी पर स्थित चलवुनारायण स्वामी देवस्थान व श्रीरंगपट्टणम में स्थित प्राचीन रंगनाथ स्वामी देवस्थान में भी दिनभर भक्तों की भीड़ रही।

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