स्वस्थ रहने के लिए करें यह काम

मशीनीकरण के कारण आज शारीरिक परिश्रम को अधिक महत्व नहीं दिया जा रहा है। आजकल हरव्यक्ति तनाव, दबाव व चिंता मे रहता है जिसके कारण व्यक्ति अवसाद का शिकार है। आरामपरस्त जीवन शैली इसक बड़ा कारण है।

बेंगलूरु. मशीनीकरण के कारण आज शारीरिक परिश्रम को अधिक महत्व नहीं दिया जा रहा है। आजकल हरव्यक्ति तनाव, दबाव व चिंता मे रहता है जिसके कारण व्यक्ति अवसाद का शिकार है। आरामपरस्त जीवन शैली इसक बड़ा कारण है।

यह बात केंद्रीय मंत्री श्रीपद नाइक ने विवेकानंद योग व अनुसंधान संस्थान में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए बात कही। उन्होंने कहा कि इससे बचने के लिए शारीरिक शिक्षा में योग, ध्यान खेल, व्यायाम आदि को शामिल किया जाना चाहिए। आचार्य लोकेश ने कहा कि समाज के संतुलित विकास के लिए मूल्य आधारित शिक्षा आवश्यक है। आज युवा वर्ग डिजिटल उपकरणों से जुड़ता जा रहा है। शिक्षा प्रणाली संस्कार निर्माण और शांति को शामिल किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि विश्व के अनेक देश सुशासन की ओर ध्यान देते हंै, भारत को भी विकास की गति तेज करने के लिए इस ओर ध्यान देना होगा। इसके लिए जनता का जागरूक होना जरुरी है।

सामाजिक एवं धार्मिक संगठन जनता को जागरूक बनाने में अहम भूमिका निभा सकते हैं। आयुष मंत्रालय के सचिव राजेश कोटेचा, संस्थान के कुलाधिपति डॉ एच. आर. नागेंद्र, कुलपति डॉ. बी. आर. रामाकृष्णा ने भी विचार व्यक्त किए। कुलसचिव डॉॅ. श्रीनिधि पार्थसारथी ने धन्यवाद ज्ञापित किया।

इस मौके पर अतिथियों ने वशिष्ठ स्कूल ऑफ हेल्थ इंटिग्रेशन का उदघाटन करने के साथ ही अनुसंधान केंद्र, कन्या छात्रावास व दक्षिणामूर्ति मंदिर की आधारशिला भी रखी।

Santosh kumar Pandey
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