चिकित्सकों ने दी कोरोना वैक्सीन के दो माह तक गर्भावस्था से बचने की सलाह

- गर्भवती या स्तनपान (Lactating Mothers) करा रही महिला पर नहीं हुआ है ट्रायल

By: Nikhil Kumar

Published: 20 Jan 2021, 02:36 AM IST

बेंगलूरु. गर्भवती और स्तानपान (Pregnant and Lactating Mothers) कराने वाली महिलाएं अब तक किसी भी कोरोना वैक्सीन ट्रायल का हिस्सा नहीं रही हैं। केंद्र सरकार ने राज्यों से कहा है कि बच्चों, गर्भवती और स्तनपान करा रही महिलाओं को कोरोना का टीका न लगाया जाए। चिकित्सकों ने अब अन्य महिलाओं को भी टीकाकरण के दो माह तक गर्भावस्था से बचने की सलाह (Doctors advice to avoid pregnancy till two months of covid vaccination) दी है।

स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. सुमन सिंह ने बताया कि अभी जो वैक्सीन सामने हैं उन्हें तैयार करने में कोरोना के अंश का प्रयोग हुआ है। अगर यह वैक्सीन गर्भवती को लगाई जाएगी तो इसके दुष्प्रभाव से गर्भ में पल रहे बच्चे के स्वास्थ्य को नुकसान होने की आशंका हो सकती है। टीका लगने के बाद गर्भवती को कोई साइड इफेक्ट होता है तो उसे उपचार में अन्य दवाइयों के इस्तेमाल से स्थिति और बिगड़ सकती है। इसलिए जरूरी है कि टीके लगने के दो माह बाद तक गर्भावस्था से भी दूर रहा जाए।

कैंसर रोग विशेषज्ञ डॉ. यू. एस. विशाल राव ने बताया कि वैक्सीन पूर्ण सुरक्षा प्रदान नहीं करती है। टीकाकरण के बाद एंटीबॉडी (antibody) बिकसित होने में भी करीब 45 दिन का समय लगता है। टीका लगवाने के बावजूद व्यक्ति कोरोना वायरस का वाहक हो सकता है। दूसरों को संक्रमित कर सकता है। दो माह बाद भी परिवार आगे बढ़ाने के निर्णय से पहले चिकित्सकीय परामर्श जरूर लें।

Nikhil Kumar Reporting
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