लॉकडाउन में बढ़ी घरेलू हिंसा, सरकार से जवाब तलब

कर्नाटक हाइकोर्ट ने पूछा, क्या कदम उठा रही है सरकार

By: Santosh kumar Pandey

Published: 23 Apr 2020, 05:56 PM IST

बेंगलूरु. कर्नाटक हाइकोर्ट ने राज्य सरकार से पूछा है कि लॉकडाउन के दौरान घरेलू हिंसा में हुई अचानक वृद्धि के संदर्भ में वह क्या कदम उठा रही है।

मुख्य न्यायाधीश अभय ओक और जस्टिस बी.वी.नागरत्ना की खंडपीठ ने कहा कि लॉकडाउन के दौरान बड़े पैमाने पर घरेलू हिंसा की खबरें आ रही हैं। सरकार बताए कि राज्य में कौन सा हेल्पालाइन नंबर सक्रिय है जिसपर घरेलू हिंसा के शिकार पुरुष, महिला या बच्चे शिकायत दर्ज करा सकते हैं। अदालत ने सरकार से यह भी पूछा है कि जो शिकायतें आई हैं उनके आधार पर वह क्या कार्रवाई कर रही है।

निखिल के विवाह समारोह पर जवाब मांगा
अदालत ने हाल ही में लॉकडाउन के दौरान पूर्व मु यमंत्री एचडी कुमारस्वामी के बेटे निखिल कुमारस्वामी के शादी समारोह पर भी सरकार से जवाब मांगा है। इस संदर्भ में ई-मेल के जरिए एक शिकायत हाइकोर्ट में दर्ज कराई गई थी जिसमें लॉकडाउन के दौरान सामाजिक दूरी बनाए रखने के दिशा निर्देशों के उल्लंघन की बात कही गई थी। पिछले 17 अप्रेल को निखिल कुमारस्वामी का विवाह समारोह बेंगलूरु-मैसूरु हाइवे पर बिड़दी के निकट केतगनहल्ली स्थित फार्म हाउस में आयोजित हुआ था जहां कथित तौर पर लॉकडाउन के निर्देशों का उल्लंघन हुआ।

सुपरमार्केट बंद करने संबंधी याचिका खारिज
एक अन्य मामले में अदालत ने सुपरमार्केट बंद करने संबंधी याचिका को भी खारिज कर दिया। राज्य के डीजीपी ने आवश्यक वस्तुओं की आपूॢत के लिए 24 घंटे 7 दिन सुपर मार्केट खोलने का निर्देश दिया था जिसके खिलाफ हाइ कोर्ट में शिकायत दर्ज कराई गई थी।

संध्या एस.प्रभु ने अपनी शिकायत में कहा था कि लोग सुपर मार्केट में खरीदारी के दौरान विभिन्न वस्तुओं को स्पर्श करते हैं जिससे कोरोना वायरस संक्रमण फैलने का खतरा है। लेकिन, सरकार की ओर से पेश वकील ने कहा कि यह केंद्र और राज्य सरकारों का दायित्व है कि आवश्यक वस्तुओं की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करे।

Santosh kumar Pandey Desk
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