पांच फीसदी रियायत उपभोक्ताओं को रिझाने में विफल

संपत्ति कर संग्रहण में 636 करोड़ रुपए की गिरावट

By: Sanjay Kulkarni

Published: 28 May 2020, 10:37 PM IST

बेंगलूरु. बृहद बेंगलूर महानगरपालिका (बीबीएमपी) की आय का सबसे बड़ा जरिया संपत्ति कर चुकाने में लोगों की ज्यादा रुचि नहीं है। लॉकडाउन की मार से त्रस्त लोगों ने पहले महीने में कर भुगतान करने पर मिलने वाली छूट को भी नजरअंदाज कर दिया और संपत्ति कर भरने नहीं पहुंचे।

वित्तीय वर्ष के पहले माह में संपत्ति कर भरने वालों को 5 फीसदी छूट मिलती है। लेकिन, इस बार लोग छूट के लिए भी कर भरने को उद्यत नहीं हो रहे। आमतौर पर छूट के कारण पहले माह में संपत्ति कर का भुगतान तेजी से होता है। वर्ष 2018-19 में अप्रैल तथा मई में 1560 करोड़ रुपए का कर संग्रहण हुआ था। लेकिन इस बार छूट की सीमा 31 मई तक बढ़ाने के बावजूद 25 मई तक 924 करोड़ रुपए कर संग्रहण ही संभव हुआ है।गत वर्ष की तुलना में इस दौरान लगभग 636 करोड़ रुपए कम संग्रहित हुए है।

आयुक्त बोले यह लॉकडाउन का असर

बीबीएमपी के आयुक्त बीएच अनिलकुमार के मुताबिक लॉकडाउन का असर संपत्ति कर संग्रहण पर भी हुआ है। आनेवाले दिनों में स्थिति में सुधार संभव है। राजस्व विभाग को कमर्शियल भवनों से बकाया संपत्ति कर वसूलने के निर्देश दिए गए हैं। राजस्व विभाग संपत्ती वसूलने का विशेष अभियान चला रहा है। इसके परिणाम स्वरूप कई बिल्डर्स ने बकाया कर का भुगतान किया है।

ऑनलाइन पर अधिक भुगतान

गत वर्ष मकान मालिकों ने बैकों के माध्यम से भुगतान किया था। इस बार अधिकतर मकान मालिकों ने ऑनलाइन पर ही संपत्ती कर का भुगतान किया है।इस वर्ष अप्रैल माह में बैंक के माध्यम से 132 करोड़ रुपए संग्रहित हुए है तो ऑनलाइन से 298 करोड़ रुपए का संपत्ती कर संग्रहण हुआ है। वही मई माह में बैंक के माध्यम से 246 करोड़ ऑनलाइन के माध्यम से 248 करोड़ रुपए संपत्ती कर का संग्रहण हुआ है।

Sanjay Kulkarni Reporting
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