आज से तटीय जिलों में अतिवृष्टि की आशंका

आज से तटीय जिलों में अतिवृष्टि की आशंका

Ram Naresh Gautam | Updated: 05 Jun 2018, 04:34:35 PM (IST) Bengaluru, Karnataka, India

अगले कई दिनों तक भारी बारिश का आकलन है

बेंगलूरु. दक्षिण और पश्चिम के समुद्री क्षेत्र में बड़े पैमाने निर्मित चक्रवाती प्रसार तंत्र के कारण मंगलवार से तटीय जिलों और राज्य के विभिन्न हिस्सों में भारी बारिश की संभावना जताई गई है। कुछेक क्षेत्रों में अतिवृष्टि की आशंका है। बेंगलूरु मौसम विज्ञान केन्द्र के अनुसार दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी, तमिलनाडु, श्रीलंका, कर्नाटक, अरब सागर और आंध्र प्रदेश के समुद्री क्षेत्रों में आए बदलाव से प्रदेश में बारिश का क्रम जारी है। अगले कई दिनों तक भारी बारिश का आकलन है। 5 और 6 जून को प्रदेश के तटीय क्षेत्रों में भारी बारिश और कहीं-कहीं अतिवृष्टि हो सकती है। वहीं 7, 8 और 9 जून को प्रदेश के तटीय जिलों के साथ ही उत्तर और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक के कुछ हिस्सों में अतिवृष्टि की आशंका है। प्रदेश के अनेक क्षेत्रों के तापमान में सामान्य से 2 से 5 डिग्री सेल्सियस से अधिक की गिरावट दर्ज की जा रही है।


हालात से निपटने को तैयार रहें अधिकारी
मैसूरु. मुख्यमंत्री के अतिरिक्त मुख्य सचिव एम.लक्ष्मीनारायण ने राज्य में मानसून के सक्रिय हो जाने के कारण अधिकारियों को किसी भी अनहोनी का सामना करने के लिए सदैव तैयार रहने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री एच.डी. कुमारस्वामी के निर्देश पर यहां सोमवार को जिलाधिकारी के कार्यालय में उन्होंने अधिकारियों की तैयारियों के बारे में विचार विमर्श किया। उन्होंने कहा कि बारिश, हवा व बाढ़ के कारण लोगों को समस्याएं पेश नहीं आनी चाहिए। सुरक्षा के सभी कदम उठाए जाने चाहिए। उन्होंने कहा कि मैसूरु नगर निगम की तैयारियों की तर्ज पर जिले की सभी अन्य नगर परिषदों व नगरपालिकाओं को मानसून के दौरान किसी भी अनहोनी से निपटने के लिए तैयार रहना होगा।

इस बैठक में शहर तथा जिले के अन्य हिस्सों में हाल में हुई भारी बारिश की स्थिति पर भी चर्चा की गई और बारिश के कारण फसलों व संपतियों को हुए नुकसान ेके बारे में भी जानकारी ली गई। उन्होंने कहा कि आपदा प्रबंधन टीमों को दिन-रात तैयार रहना होगा। बारिश के दौरान सड़कों पर पेड़ गिर सकते हैं। लिहाजा विभागों को लकड़ी काटने वालों को तैयार रखना होगा। ऐसी स्थिति में अग्निशमन बल के कर्मचारियों को को भी हर वक्त तैयार रहना होगा। बारिश के दौरान आवासीय इलाकों में पानी भर जाने की स्थिति में पंपिंग मशीनों का इस्तेमाल किया जाना चाहिए।

इस बीच, अधिकारियों ने सचिव को जानकारी दी कि मार्च 2016 से लेकर अप्रेल 2017 के बीच आपदा प्रबंधन टास्क फोर्स के लिए 15.20 करोड़ रुपए जारी किए गए। कुल 1319 कार्यों में से 1312 कार्य पूर्ण हो चुके हैं और इस पर कुल 14.47 करोड़ रुपए व्यय किए गए हैं। अधिकारियों ने यह भी बताया कि 28 0 लाख रुपए की लागत से 209 पेयजल योजनाओं का कार्य शुरू किया गया था जिसके लिए 210 लाख रुपए जारी किए जा चुके हैं और 70 लाख रुपए जारी किए जाने शेष हैं।

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