scriptearthquake tremors in North Karnataka due to hydro seismicity | उत्तर कर्नाटक में क्यों आ रहे बार—बार भूकंप के झटके, एनजीआरआई के अध्ययन में हुआ खुलासा | Patrika News

उत्तर कर्नाटक में क्यों आ रहे बार—बार भूकंप के झटके, एनजीआरआई के अध्ययन में हुआ खुलासा

बीदर और कलबुर्गी जिलों में पिछले दिनों से जो हल्के भूकंप के झटकों का सिलसिला चल रहा है, वह मानसून के बाद होने वाली एक सामान्य घटना है। इसे 'हाइड्रो-सिस्मीसिटी' (भूमि के अंदर जलीय दबाव की परिघटना) कहा जाता है ।

बैंगलोर

Published: October 16, 2021 06:57:53 pm

बेंगलूरु. उत्तर कर्नाटक के बीदर और कलबुर्गी जिलों में पिछले दिनों से जो हल्के भूकंप के झटकों का सिलसिला चल रहा है, वह मानसून के बाद होने वाली एक सामान्य घटना है। इसे 'हाइड्रो-सिस्मीसिटी' (भूमि के अंदर जलीय दबाव की परिघटना) कहा जाता है और यह आमतौर पर मानसून का सीजन खत्म होने पर होती है। राष्ट्रीय भूभौतकीय अनुसंधान संस्थान (एनजीआरआई) के शुरुआती अध्ययन में यह खुलासा हुआ है।

उत्तर कर्नाटक में क्यों आ रहे बार—बार भूकंप के झटके, एनजीआरआई के अध्ययन में हुआ खुलासा

कर्नाटक के राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के आयुक्त मनोज राजन ने बताया कि एनजीआरआई को कलबुर्गी और विजयपुर इलाके में धरती में महसूस किए जा रहे हल्के कंपन का विस्तृत विश्लेषण करने को कहा गया था। शुरुआती अध्ययन से संकेत मिला है कि धरती में इस प्रकार के हल्के कंपन सामान्यत: मानसून के बाद महसूस होते हैं। इस परिपाटी को हाइड्रो सिस्मीसिटी कहते हैं,जो भारी बारिश के बाद होती है।

जलीय गतिविधियों में वृद्धि होने का परिणाम

राजन ने बताया कि भूपपर्टी के भीतर दरारें होती हैं और बारिश की वजह से भूजल बेसिन में जल स्तर बढऩे से जलीय गतिविधियों में वृद्धि होने लगती है और धरती में दबाव बढ़ जाता है। उन्होंने कहा कि इससे धरती में हल्का कंपन महसूस होता है और कुछ मामलों में इसके साथ आवाजें भी आती हैं।

उथले भूकंप, बड़े भूकंप में नहीं बदलते

उन्होंने बताया, ऐसा उथले भूकंप की वजह से होता है जिसमें सतह पर उच्च बारंबरता की तरंगें उठती हैं। इस तरह की भूकंपीय गतिविधि सामान्य है और इससे चिंताजनक कुछ नहीं है क्योंकि यह बड़े भूकंप में तब्दील नहीं होता। राजन ने बताया कि एनजीआरआई वैज्ञानिकों की दो टीम आगामी दो दिन में इलाके में भेज रही है ताकि जमीनी स्थिति का आकलन किया जा सके। गौरतलब है कि बीदर जिले के बसवकल्याण गांव और कलबुर्गी के चिंचोली गांव के लोगों ने एक अक्टूबर से 12 अक्टूबर के बीच रिक्टर पैमाने पर 2.5 से 4 तीव्रता वाले कम से कम छह झटके महसूस किए हैं।

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