पुलिस वाहन से जब्त नकदी की स्वतंत्र जांच कराए निर्वाचन आयोग

पुलिस वाहन से जब्त नकदी की स्वतंत्र जांच कराए निर्वाचन आयोग

Santosh Kumar Pandey | Publish: May, 09 2019 07:52:19 PM (IST) Bangalore, Bangalore, Karnataka, India

कर्नाटक भाजपा नेताओं के एक प्रतिनिधिमंडल ने गुरुवार को नई दिल्ली में भारत निर्वाचन आयोग (इसीआइ) से आग्रह किया कि राज्य के हासन जिले में १७ अप्रेल को एक पुलिस वाहन से जब्त १.२ लाख रुपए नकदी मामले की स्वतंत्र जांच कराई जाए।

भाजपा प्रतिनिधिमंडल का इसीआइ से आग्रह
बेंगलूरु. कर्नाटक भाजपा नेताओं के एक प्रतिनिधिमंडल ने गुरुवार को नई दिल्ली में भारत निर्वाचन आयोग (इसीआइ) से आग्रह किया कि राज्य के हासन जिले में १७ अप्रेल को एक पुलिस वाहन से जब्त १.२ लाख रुपए नकदी मामले की स्वतंत्र जांच कराई जाए।

भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव मुरलीधर राव, पार्टी के राज्य महासचिव अरङ्क्षवद लिम्बावली और राज्य सभा सदस्य राजीव चंद्रशेखर ने इसीआइ से शिकायत की कि उन्हें इस मामले में कर्नाटक पुलिस द्वारा की जा रही जांच पर भरोसा नहीं है। इसलिए इसीआइ अपने स्तर से पूरे मामले की स्वतंत्र जांच कराए। उन्होनें कहा कि हासन में १८ अप्रेल को लोकसभा चुनाव था और उसके एक दिन पहले बेंगलूरु के पते पर पंजीकृत पुलिस वाहन से १.२ लाख जब्त किए गए थे। इससे ऐसा प्रतीत होता है कि चुनाव आयोग को झांसा देने के लिए कुछ पुलिसकर्मियों की मिलीभगत से पुलिस वाहनों के सहारे नकदी ले जाई गई।

राव ने कहा कि हासन के होलेनरसीपुरा में पुलिस वाहन से नकदी बरामद हुई थी। यह एक गंभीर मामला है क्योंकि लोकसभा चुनाव के ठीक एक दिन पहले इस प्रकार की वारदात हुई और वह भी बेंगलूरु के पते पर पंजीकृत पुलिस वाहन का इस्तेमाल करके किया गया। हासन से पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवगौड़ा के पोते और राज्य के मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी के भतीजे तथा मंत्रिमंडल सदस्य एचडी रेवन्ना के बेटे प्रज्वल जद-एस प्रत्याशी के रूप में चुनाव मैदान में थे। उन्होंने कहा कि पूरे मामले से ऐसा प्रतीत होता है कि चुनाव में प्रलोभन और धांधली के लिए पुलिस वाहनों का इस्तेमाल हुआ।

भाजपा प्रतिनिधिमंडल ने चुनाव आयोग से राज्य में लोकसभा चुनाव के दौरान हुई चुनाव संबंधी सभी प्रकार की गड़बडिय़ों और बेहिसाब धन के उपयोग के सभी मामलों की एक स्वतंत्र जांच कराने का अनुरोध किया। लिंबावली ने कहा कि हमने आयोग से आग्रह किया है कि बेंगलूरु सहित राज्य के कई लोकसभा क्षेत्रों में बड़े स्तर पर मतदाता सूची से मतदाताओं के नाम काटे जाने के मामले की भी जांच हो।

 

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