ईडी ने कुर्क की १.३ करोड़ की संपत्ति

प्रवर्तन निदेशालय ने भ्रष्टाचार प्रतिबंधक कानून तथा मनीलॉड्रिंग एक्ट 2002

By: Sanjay Kulkarni

Published: 13 Nov 2020, 09:08 PM IST

बेंगलूरु. प्रवर्तन निदेशालय ने भ्रष्टाचार प्रतिबंधक कानून तथा मनीलॉड्रिंग एक्ट 2002 की विभिन्न धाराओं के तहत कर्नाटक राज्य हथकरघा विकास निगम (केएसएचडीसीएल) के फंड का दुरुपयोग कर खरीदी गई 1 करोड़ 30 लाख रुपए मूल्य की अचल संपत्तियों को कुर्क करने का आदेश जारी किया है।

यह अचल संपत्ति विजया बैंक के सेवा निवृत्त वरिष्ठ प्रबंधक बेंगलूरु निवासी बीवाई श्रीनिवास के नाम पर थी। बैंक खातों में यह अचल संपत्तियां एचएस नागलिंगस्वामी के नाम पर थी। बेंगलूरु के अशोकनगर थाने में केएसएचडीसीएल के महा प्रबंधक जी किशोरकुमार की शिकायत के बाद पीएमएल ऐक्ट के अंतर्गत जांच की गई तो यह बात उजागर हुई है कि एचएस नागलिंगस्वामी तथा उनके सहयोगियों ने 17 दिसंबर 2016 से 17 अक्टूबर 2018 के दौरान फर्जी दस्तावेजों के जरिए विजया बैंक के खाते से एसबीआई की बेंगलूरु शहर की एक शाखा के फर्जी खाते में 16 करोड़ 67 लाख रुपए ट्रांसफर किए थे।

उसके पश्चात यह राशि डी नरसय्या के एमएस फ्राल्क इंफोटेंनमेंट तथा पीएनपी एंटरप्राइजेस के खातों में जमा की गई। एचएस नागलिंगस्वामी तथा उनके साथियों ने इस राशि का उपयोग किया था। इस मामले की जांच जारी है।

केआइए पर सवा करोड़ के ड्रग्स बरामद

बेंगलूरु अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट (केआइए) पर सीमा शुल्क अधिकारियों ने १.२५ करोड़ रुपए के ड्रग्स जब्त किए। अधिकारियों के अनुसार विदेशी डाक कार्यालय में आने वाले विदेशी पार्सलों की जांच करते समय फ्रांस से आए एक पार्सल में मादक पदार्थ छिपा कर रखने का पता चला। पार्सल खोला तो फीट मसाजर में छिपा कर रखे गए ड्रग्स मिले। अधिकारियों ने पुलिस थाने में शिकायत दर्ज करवा कर जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों ने बताया कि पार्सल किसके नाम आया था, इसका विवरण लिया गया है। इस मामले में अधिक जानकारी नहीं दी जाएगी। जांच पूरी होने के बाद मीडिया को सारा विवरण दिया जाएगा।

Sanjay Kulkarni Reporting
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