शिक्षण केन्द्रों में राजनीतिक दखल नहीं हो : सीएम

शिक्षण केन्द्रों में राजनीतिक दखल नहीं हो : सीएम

Ram Naresh Gautam | Publish: Sep, 06 2018 04:20:00 PM (IST) Bengaluru, Karnataka, India

कुछ मामलों में दखलअंदाजी होने के कारण बच्चों को अपेक्षित स्तर की शिक्षा नहीं मिल पा रही है

बेंगलूरु. मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी ने कहा है कि विश्वविद्यालयों में कुलपतियों की नियुक्ति, सिंडिकेट के सदस्यों के चयन सहित किसी भी प्रमुख निर्णय में राजनीतिक दखल नहीं होना चाहिए। शिक्षण संस्थाओं के आंतरिक मामलों में यदि सरकार दखलअंदाजी करती है तो गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान कर पाना संभव नहीं है।

मुख्यमंत्री बुधवार को सेन्ट्रल कालेज में बेंगलूरु सेंट्रन विश्वविद्यालय के स्नातकोत्तर कला संकाय के उद्घाटन समारोह में उन्होंने कहा कि सरकार गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पर बल दे रही है। कुछ मामलों में दखलअंदाजी होने के कारण बच्चों को अपेक्षित स्तर की शिक्षा नहीं मिल पा रही है। दैनिक गतिविधियों में सरकारी दखल को टालने के लिए एक समिति की गठन कर दिया जाए तो किसी समस्या का सामना नहीं करना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि आप जो भी निर्णय करेंगे हम उनका समर्थन करेंगे पर हरेक शिक्षक को बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने के लिए प्रतिबद्ध रहना होगा। आज के प्रतिस्पर्धा के युग के मुताबिक बच्चों को तैयार करने की जिम्मेदारी हम सभी पर है।

सरकार आपको सभी प्रकार की आर्थिक सुविधाएं देने के लिए तैयार है पर आपको भी अच्छे परिणाम देने होंगे। गरीबों, मध्यम वर्ग के लोगों, श्रमिकों के बच्चों तथा आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के बच्चों को बेहतर शिक्षा उपलब्ध करवाना हम सभी का कर्तव्य है। हरेक बच्चे को बेहतरीन नागरिक बनाना ही शिक्षा का मूल उद्देश्य है और शिक्षक दिवस पर हम सभी को यह संकल्प लेना होगा।

कुमारस्वामी ने कहा कि जब वे पहली बार मुख्यमंत्री बने थे, तब उन्होंने 171 पीयूसी कॉलेज को मंजूरी दी और प्रथामिक स्कूल, पीयूसी कॉलेज के भवन निर्माण व बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए 1 हजार करोड़ रुपए दिए गए थे। प्राथमिक, माध्यमिक, पीयूसी, स्नातक कॉलेज व विश्वविद्यालयों को वैश्विक स्तर पर उभारने की दिशा में काम करना होगा।

बच्चों को वैश्विक प्रतिस्पर्धा में संघर्ष करने के लिए सुदृढ़ बनाएं। सरकार हमेशा आप लोगों के साथ खड़ी रहेगी। विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. एन. जाफेट ने कहा कि इस विवि को बुनियादी सुविधाएं़ उपलब्ध करवाने के लिए आर्थिक सहायता की जरूरत है, लिहाजा सरकार को 600 करोड़ रुपए की सहायता दे। इस विश्वविद्यालय में नोबेल पुरस्कार विजेता सर सीवी रमन, प्रख्यात कवि कुवेंपु जैसी हस्तियों ने शिक्षा प्राप्त की। यह किसी भी वैश्विक स्तर के विश्वविद्यालय के साथ प्रतिस्पर्धा करने में सक्षम है और इसे और अधिक ऊंचाईयों पर पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है।

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