कर्नाटक : प्रोमोशन की घोषणा के बाद शिक्षा विभाग का यू-टर्न

विभाग के इस कदम ने शिक्षकों व विद्यार्थियों को अचरज में डाल दिया है

By: Nikhil Kumar

Updated: 11 Jun 2021, 05:21 PM IST

बेंगलूरु. कोरोना महामारी के कारण 11वीं कक्षा के छात्रों को परीक्षा के बिना ही प्रमोट करने की घोषणा के बाद प्री-यूनिवर्सिटी शिक्षा विभाग (डीपीयूइ) ने यूटर्न ले लिया है। एक अधिसूचना जारी कर शिक्षकों को ऑनलाइन परीक्षा आयोजित करने और मूल्यांकन के नतीजे छात्र उपलब्धि ट्रैकिंग सिस्टम (एसएएसटी) पर अपलोड करने के लिए कहा है। विभाग के इस कदम ने शिक्षकों व विद्यार्थियों को अचरज में डाल दिया है।

विभाग द्वारा जारी अधिसूचना में छात्रों से कहा गया था कि वे दो मॉडल प्रश्न पत्र विभाग की वेबसाइट से डाउनलोड करें। प्रश्नपत्र हल करें और उन्हें संबंधित शिक्षकों को वाट्सएप, ईमेल या पोस्ट के माध्यम से भेजें। शिक्षकों को इसका मूल्यांकन करना होगा और एसएटीएस पोर्टल पर अंक अपलोड करने होंगे।

कर्नाटक राज्य प्री-यूनिवर्सिटी कॉलेज शिक्षक संघ ने डीपीयूइ के संबंधित अधिकारी को एक ज्ञापन सौंपकर अधिसूचना वापस लेने की मांग की है। संघ के अध्यक्ष प्रो. निंगे गौड़ा ने कहा कि अचानक ऑनलाइन परीक्षा का आयोजन संभव नहीं है। ग्रामीण क्षेत्रों के छात्रों को सबसे ज्यादा परेशानी होगी। कई छात्रों के पास स्मार्टफोन और इंटरनेट तक नहीं है। डीपीयूइ पहले ही प्रमोशन की घोषणा कर चुका है। घोषणा के बाद छात्रों ने परीक्षा की तैयारी बंद कर दी।

विभाग ने शिक्षकों और छात्रों को 20 जुलाई तक प्रक्रिया पूरी करने को कहा है। छात्रों को पहला असाइनमेंट 20 जून तक शिक्षकों को जमा करना है और शिक्षकों को 25 जून तक मूल्यांकन पूरा करना है।

छात्रों को 26 जून से 5 जुलाई के बीच दूसरा असाइनमेंट पूरा करना है। व्याख्याताओं को 10 जुलाई तक मूल्यांकन पूरा करना है। अंक 20 जुलाई अपलोड किए जाने हैं।

Nikhil Kumar Reporting
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