बिजली की चोरी पर लगेगा अंकुश, आ रहा स्वचालित स्मार्ट मीटर

बिजली की चोरी पर लगेगा अंकुश, आ रहा स्वचालित स्मार्ट मीटर

Santosh Kumar Pandey | Updated: 23 Sep 2019, 04:32:40 PM (IST) Bangalore, Bangalore, Karnataka, India

Automatic smart meter will curb Electricity theft, अब नहीं होगी मीटर से छेड़छाड़, स्मार्ट मीटर स्वचालित रूप से खुद ही मीटर रिडर्स का कार्य करेगा।

बेंगलूरु. बिजली शुल्क वसूली को व्यवस्थित करने के लिए बेंगलूरु बिजली वितरण कंपनी (बेसकॉम) ने आनेवाले दिनों में उपभोक्ताओं की ओर से बिजली उपयोग का लेखा-जोखा प्राप्त करने के लिए स्मार्ट मीटर स्थापित करने का फैसला किया है। स्मार्ट मीटर स्थापित किए जाने के बाद बेसकॉम में कार्यनिरत सैकड़ों मीटर रीडर्स को घर-घर जाकर मीटर रिंडिंग करने की आवश्यकता ही नहीं होगी। स्मार्ट मीटर स्वचालित रूप से खुद ही मीटर रिडर्स का कार्य करेगा।

लिहाजा स्मार्ट मीटर के कारण मीटर रीडर्स को अब रोजगार खोने की चिंता सता रही है। मौजूदा व्यवस्था के अनुसार बेसकॉम का मीटर रीडर अपने संबंधित क्षेत्र में घर-घर जाकर मीटर रिंडिंग रिकॉर्ड करते हैं। मीटर रीडर ही उपभोक्ता को उस माह के बिजली का बिल थमाता है। बेसकॉम ने अब इस व्यवस्था को ही बदलने का मन बना लिया है।

प्रायोगिक तौर पर सफलता का दावा
बेसकॉम के स्मार्ट ग्रीड योजना के महाप्रबंधक सीके श्रीनाथ के अनुसार आईआईटी वाराणसी तथा सेंटर फॉर स्टडी ऑफ साइंस एन्ड टेक्नोलॉजी पॉलिसी (सीएफएसटीपी) की ओर से निर्मित 1200 स्मार्ट मीटर प्राप्त किए है। साथ ही चंदापुर सब स्टेशन क्षेत्र में प्रायोगिक तौर पर इन स्मार्ट मीटरों को घरेलू तथा वाणिज्यिक परिसरों में स्थापित किया गया है। स्मार्ट मीटर का यह प्रयोग सफल रहा है। इस क्षेत्र में स्मार्ट मीटर तथा पुराने मीटर दोनों ही मौजूद हैं। विभाग अब नए प्रयोग की आंतरिक समीक्षा कर रहा है। विचार-विमर्श के पश्चात बेसकॉम अपनी व्याप्ति में ऐसे स्मार्ट मीटर चरणबद्ध तरीके से स्थापित करेगा। हालांकि अगर स्मार्ट मीटर लगाए जाएंगे तो पुराने मीटर को हटाना होगा। नए मीटर खरीदने में कौन निवेश करेगा ऐसे मामलों पर विचार-विमर्श किया जा रहा है।

इस तरह काम करता है यह मीटर
स्मार्ट मीटर में संवहन प्रणाली (कम्युनिकेशन सिस्टम), आइटी सर्वर तथा बिजली मापन यह तीन इकाइयां होती हंै। स्मार्ट मीटर 30 दिनों में उपभोक्ताओं ने कितनी यूनिट बिजली का उपयोग किया है इसकी समग्र जानकारी बिजली वितरण कंपनी के नियंत्रण कक्ष को भेजता है। इसी जानकारी के आधार पर बिजली का बिल बनाया जाता है तथा इसकी सूचना उपभोक्ता को मिलती है। इस अद्यतन मीटर के कारण बिजली की चोरी, मीटर के साथ छेड़छाड़ पर अंकुश लगने के कारण बेसकॉम की आय बढ़ेगी।

बिजली गुल होने की सूचना देगा
अगर किसी क्षेत्र में बिजली गुल हो गई है तो उपभोक्ता को शिकायत भी नहीं करनी पड़ेगी क्योंकि स्मार्ट मीटर बिजली गुल होने की सूचना स्वचालित रूप से तुरंत नियंत्रण कक्ष को देगा। ऑनलाइन ही उपभोक्ता के लिए बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी। इस अद्यतन व्यवस्था में मौजूदा मीटर रीडर की कोई भूमिका नहीं होगी। इसलिए बेसकॉम में कार्य निरत सैकड़ों मीटर रीडर को स्मार्ट मीटर के कारण बेरोजगार होने की चिंता सता रही है।

8 जिलों के 41 हजार वर्ग किलोमीटर में फैला कार्यक्षेत्र
बेसकॉम का कार्यक्षेत्र 41 हजार वर्ग किलोमीटर तक फैला है। बिजली वितरण कंपनी बेंगलूरु शहर के साथ बेंगलूरु ग्रामीण, तुमकुरु, चित्रदुर्गा, कोलार, चिक्कबल्लापुर, रामनगर जिलों के 2 करोड़ से अधिक उपभोक्ताओं को बिजली की आपूर्ति करती है। कंपनी में अभी सैकड़ों मीटर रीडर कार्यनिरत है। राज्य की विभिन्न बिजली वितरण कंपनियों में बेसकॉम आय के मामले में पहले स्थान पर है। राज्य में उत्पादित 80 से 90 फीसदी बिजली का वितरण बेसकॉम करता है। बेंगलूरु शहर से ही बेसकॉम को 80 फीसदी राजस्व मिलता है।

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