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बैंगलोर

महावीर की वाणी से राग-द्वेष को मिटाएं: मुनि राजपद्मसागर

ईटा सकल जैन संघ के तत्वावधान में प्रवचन

बैंगलोरJun 22, 2024 / 05:19 pm

Santosh kumar Pandey

rajpadma

बेंगलूरु. मागड़ी रोड़ स्थित ईटा गॉर्डन अपार्टमेंट्स के एम्फिथेटर में ईटा सकल जैन संघ के तत्वावधान में मुनि राजपद्मसागर एवं साध्वी सुशीला कंवर ने धर्मसभा को संबोधित किया। साध्वी जयश्री के मंगल गीतिका से कार्यक्रम प्रारंभ हुआ। साध्वी सुशीला कंवर ने कहा कि स्वाभिमान रखो, मगर किसी भी तरह का अभिमान मत रखो। अहंकार संसार में परिभ्रमण करवाता है। भवसागर से तिरना है तो अहंकार का त्याग करना होगा।
मुनि राजपद्मसागर ने कहा कि महामंत्र नवकार के जाप से आधि-व्याधि दूर होती है। जिस तरह आग बुझाने में पानी की जरूरत होती है उसी तरह अंतर आत्मा में राग-द्वेष, लोभ आदि को शांत करने में प्रभु महावीर की वाणी श्रेयस्कर है। धर्म व साधुओं की निंदा से बचते हुए नवकार का स्मरण करें। श्रीरामपुरम, विजयनगर, राजाजीनगर, चामराजपेट, त्यागराजनगर सहित बड़ी संख्या में ईटा गॉर्डन के महिला पुरूष उपस्थित थे। स्वागत ईटा गॉर्डन अपार्टमेंट ओनर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष पृथ्वीराज मेहता ने किया। व्यवस्था सुरेंद्र भंसाली एवं नितेश बालदा ने संभाली।

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