यहां गड्ढे भरते नजर आते हैं आइटी-बीटी कंपनियों के कर्मचारी

यहां गड्ढे भरते नजर आते हैं आइटी-बीटी कंपनियों के कर्मचारी
यहां गड्ढे भरते नजर आते हैं आइटी-बीटी कंपनियों के कर्मचारी

Santosh Kumar Pandey | Updated: 18 Sep 2019, 05:28:29 PM (IST) Bangalore, Bangalore, Karnataka, India

Employees of IT-BT companies are seen filling the pothole here. वायु सेना के पूर्व पायलट प्रताप भीमसेन राव की पहल पर आइटी-बीटी कंपनियों के कर्मचारियों ने अभी तक पांच हजार से अधिक गड्ढे भरे हैं।

बेंगलूरु. पांच साल पहले मित्र की पुत्री की गड्ढे से बचने के प्रयास में बाइक पलटने से हुई मौत ने उन्हें कुछ ऐसा झकझोरा कि उन्होंने गड्ढे भरने का संक्लप ले लिया। जिसका नतीजा यह है कि सप्ताह के आखिर दिनों में टूर पर जाने वाले सूचना प्रौद्योगिकी और जैव प्रौद्योगिकी (आइटी-बीटी) कंपनियों के कर्मचारी अब सडक़ों के गड्ढे भरने का काम कर रहे हैं। वायु सेना के पूर्व पायलट प्रताप भीमसेन राव की पहल पर आइटी-बीटी कंपनियों के कर्मचारियों ने अभी तक पांच हजार से अधिक गड्ढे भरे हैं।

गड्ढे भरने के उद्देश्य से प्रताप ने 2016 में पॉथहोल राजा संस्था आरंभ की। संस्था के स्वयंसेवी सदस्य हैदराबाद, चेन्नई, मुंबई और बेंगलूरु में गड्ढे भरते हैं। इसमें 20 से अधिक संस्थान और कंपनियां आर्थिक मदद कर रही हैं। इसके अलावा नागरिक भी आर्थिक सहायता करते हैं।

गड्ढों की जानकारी लोग फेसबुक, वाट्सऐप और वेबसाइट पर तस्वीरों के साथ दे सकते हैं। गड्ढे भरने में कोल्ड अस्फाल्ट नामक टार का इस्तेमाल किया जाता है। यह पर्यावरण हितैषी टार है।

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