नदी तटों से अतिक्रमण हटाया जाएगा

बाढ़ की समस्या से निपटले के प्रयास कर रही सरकार

By: Santosh kumar Pandey

Published: 20 Sep 2020, 03:06 PM IST

बेंगलूरु. मलप्रभा, हिरण्यकेशी तथा घटप्रभा नदियों के तट पर अतिक्रमण के कारण बाढ़ की समस्या पैदा हो रही है। जिला प्रशासन को ऐसे अतिक्रमण चिन्हित करने के निर्देश दिए गए हैं। अतिक्रमण हटाने के लिए शीघ्र ही योजना लागू की जाएगी। जलसंसाधन मंत्री रमेश जारकीहोली ने यह बात कही।

उन्होंने जिला मुख्यालय बेलगावी में कहा कि अतिक्रमण करने वाला कोई भी हो किसी को बख्शा नहीं जाएगा। अतिक्रमण के कारण से ही नदियों का प्राकृतिक प्रवाह बाधित हो रहा है। यही समस्या की जड़ है। उन्होंने कहा कि इसके अलावा जिले के विभिन्न बांधों में बड़े पैमाने पर सिल्ट भरने के कारण बांधों उनकी भंडारण क्षमता कम होती जा रही है।

इस समस्या का भी स्थायी समाधान करना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि कलसा बंडूरी पेयजलापूर्ति योजना का कार्य भी शीघ्र शुरू किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि किसी विधायक को मंत्री पद मांगना अपराध नहीं है।

मुख्यमंत्री राहत कोष में नहीं आ रहा दान
बेंगलूरु. हाल में कोरोना वायरस संक्रमण को रोकने के लिए मुख्यमंत्री राहत कोष की राशि का बड़े पैमाने पर उपयोग किए जाने के कारण इस कोष में अब महज 8 करोड़ रुपए ही बचे हैं।

लॉकडाउन के दौरान कई उद्यमी, स्वयंसेवी संगठन तथा राज्य की जनता ने इस कोष में करोड़ों रुपए का दान दिया था। लेकिन अब दान का यह प्रवाह थम गया है। इस कोष से सहायता प्राप्त करने के लिए प्रति दिन सैकड़ों आवेदन प्राप्त हो रहे हैं। इन आवेदनों का निपटारा करना मुख्यमंत्री कार्यालय को एक चुनौती बन गया है।
प्रशासनिक सूत्रों के मुताबिक इस कोष में किसी भी स्थिति में 70 से 80 करोड़ रुपए जमा रहते थे लेकिन अब महज 8 करोड़ रुपए बचे है। इस बीच 'मुख्यमंत्री कोविड कोषÓ स्थापित किए जाने से अधिकतर लोग उसमें दान दे रहे हैं। उसमें 307 करोड़ रुपए की राशि जमा है।

Santosh kumar Pandey Desk
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