जलाशयों से अतिक्रमण हटेंगे : सीएस पुट्टराजू

जलाशयों से अतिक्रमण हटेंगे : सीएस पुट्टराजू

Ram Naresh Gautam | Publish: Sep, 04 2018 06:19:54 PM (IST) Bengaluru, Karnataka, India

राज्य की नदियों के पूरे वेग से बहने के बावजूद हमारे लिए साथ ही साथ तालाबों में पानी भर पाना संभव नहीं हो पा रहा है

बेंगलूरु. राज्य के लघु सिंचाई मंत्री सी.एस. पुट्टराजू ने कहा कि शहरी क्षेत्रों सहित राज्य के सभी जलाशयों की भूमि पर हुए अतिक्रमण को बिना किसी तरह की रियायत बरते हटाया जाएगा। अतिक्रमणकारी कितने भी प्रभावशाली क्यों न हो उनको खदेड़कर तालाबों की भूमि की तारबंदी की जाएगी।
पुट्टराजु ने सोमवार को यहां संवाददाताओं के साथ बातचीत में कहा कि पर्यावरण को क्षति पहुंचाने वाली गणेश मूर्तियों का नदियों व तालाबों में विसर्जन नहीं किए जाने की अपील की जाती है।

उन्होंने कहा कि राज्य की प्रमुख नदियों के बेसिन में आने वाले तालाबों को दिसम्बर के अंत तक नदियों के पानी से भर दिया जाएगा। बारिश थम जाने के बावजूद तालाबों में नदियों पानी डालकर उनको भरा जाएगा। राज्य सरकार ने धर्मस्थल ग्रामीण संस्था व फिल्म अभिनेता यश के नेतृत्व वाले यश फाउंडेशन के बैनर तले तालाबों के पुनरोद्धार कार्यक्र निर्णय किया है। उन्होंने कहा कि राज्य की नदियों के पूरे वेग से बहने के बावजूद हमारे लिए साथ ही साथ तालाबों में पानी भर पाना संभव नहीं हो पा रहा है।

नहरों में भारी मात्रा में पानी छोडऩा संभव नहीं है, लिहाजा पहले फसलों की पौध लगाने तथा तैयार खड़ी फसलों की सिंचाई को वरीयता देने के बाद तालाबों में पानी भरा जाएगा। विभिन्न विभागों के अधीन बंटे हुए तालाबों को अब एक ही विभाग के नीचे लाया गया है और भविष्य में राज्य के सभी 46 हजार तालाबों की देखरेख लघु सिंचाई विभाग द्वारा की जाएगी। विश्व बैंक सहित विविध वित्तीय संस्थाओं की मदद लेकर राज्य के सभी तालाबों का विकास करके उनकी भराव क्षमता को बढ़ाया जाएगा।

मुख्यमंत्री तालाबों के विकास को वरीयता दे रहे हैं और उन्होंने तालाबों की भूमि से अतिक्रमण हटाने व उनकी देखरेख करने के भी निर्देश दिए हैं। लिहाजा विभाग के साथ ही कुछ जनहितकारी सहकारी संस्थाओं के साथ हाथ मिलाकर तालाबों का पुनरोद्धार किया जाएगा। पहले चरण में राज्य के 200 तालाबों का पुनरोद्धार करने का जिम्मा इन संस्थाओं को सौंपा जाएगा। इन संस्थाओं को हम केवल तालाबों की गाद निकालने के लिए यंत्र ही उपलब्ध करवाएंगे और शेष कार्य ये संस्थाएं ही करवाकर उनको नया स्वरूप प्रदान करेंगी।

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