scriptFarmers are selling 'diamonds and pearls' at throwaway prices | औने-पौने दामों में किसान बेच रहे ‘हीरा-मोती’ | Patrika News

औने-पौने दामों में किसान बेच रहे ‘हीरा-मोती’

locationबैंगलोरPublished: Feb 03, 2024 06:14:51 pm

  • हावेरी व आसपास के जिलों में सूखे का असर

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हावेरी. मुंशी प्रेमचंद लिखित किसानों और बैलों के भावनात्मक संबंधों की कथा दो बैलों की कथा समय के साथ बेहद दुखमय हो गई है और किसानों की खेती-बारी के साथी हीरा-मोती नामक बैलों को किसान भरे मन से बेच दे रहे हैं। जिले में पर्याप्त बारिश नहीं होने के कारण बेहद कठिन समय का सामना कर रहे हावेरी जिले के किसान अब मौजूदा सूखे के बीच कर्ज चुकाने के लिए बैलों सहित अपने अन्य मवेशियों को बेचने का सहारा ले रहे हैं। उत्तरी कर्नाटक के कई जिलों में मानसून की कमी के चलते किसानों की फसलें बर्बाद हो गई हैं और वित्तीय संकट बढ़ गया है।
संकट इस हद तक पहुंच गया है कि कुछ किसानों ने स्थिति की गंभीरता को उजागर हुए अपने साथी बैलों को काफी कम कीमतों पर बेचने की पेशकश की है।मालूम हो कि यह क्षेत्र मक्का, चावल, सोयाबीन, मूंगफली और कपास जैसी विभिन्न फसलों के लिए जाना जाता है।
इस बार अच्छे मानसून की उम्मीद में विभिन्न फसलों की खेती करने वाले किसानों ने मेहनत तो की लेकिन मौसम ने खेल बिगाड़ दिया और अपर्याप्त वर्षा के कारण फसलें सूख गईं। फसल खराब होने की आशंका को देखते हुए किसान बढ़ते कर्ज से जूझ रहे हैं और कर्ज चुकाने के लिए उन्होंने अपने घर और जमीनें बेचने का सहारा लिया है।चारा नहीं तो क्या चारा
सूखे के दुखद परिणामों में से एक बैल, गाय और भैंस सहित मवेशियों की बिक्री है, क्योंकि किसानों को उनके लिए चारा उपलब्ध कराने के लिए संघर्ष करना पड़ता है। हालांकि, समय ने एक दोहरी समस्या पैदा कर दी है, क्योंकि संभावित खरीदारों के पास भी धन की कमी है, जिसके परिणामस्वरूप बाजार में खरीदारों की कमी हो गई है। किसान, जो कभी भरपूर फसल की आशा रखते थे, अब एक लाख रुपये तक मिलने वाले बैलों को मात्र पचास हजार में बेच रहे हैं, जो इस क्षेत्र में व्याप्त वित्तीय संकट को रेखांकित करता है। हावेरी में समग्र सूखे की स्थिति ने किसानों को राहत की मांग करने और अपनी दुर्दशा की ओर ध्यान आकर्षित करने के लिए सड़कों पर उतरने के लिए प्रेरित किया है। हालांकि जिले को सूखाग्रस्त घोषित कर दिया गया है, लेकिन कोई व्यावहारिक समाधान नहीं मिल पाया है।

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