बंपर उत्पादन के बावजूद किसान मायूस

सब्जियों तथा फलों का भरपूर उत्पादन हुआ है लेकिन किसान कौडिय़ों के दाम पर बेचने को मजबूर हैं।

By: Sanjay Kulkarni

Published: 05 May 2020, 09:19 PM IST

बेंगलूरु. सब्जियां तथा फलों का उत्पादन करने वाले किसान मायूस है। लॉकडाउन के कारण अप्रैल में शादी-ब्याह और धार्मिक अनुष्ठान व अन्य कार्यक्रम निरस्त होने से फल, फूल तथा सब्जियों की मांग में भारी गिरावट आ गई है। हर जिले में सब्जियों तथा फलों का भरपूर उत्पादन हुआ है लेकिन बाजार में इसके दाम नहीं मिलने से किसान कौडिय़ों के दाम पर बेचने को मजबूर हो रहे हैं।

किसानों की लागत भी नहीं निकल रही, लाभ होना तो दूर की बात है।नाराज किसानों ने फल, फूल तथा सब्जियों को खाद बनाने के लिए खेतों में ही छोड़ दिया है। हॉपकाम्स की ओर से किसानों की सहायता के लिए किए जा रहे प्रयास भी अपर्याप्त हैं। इस कारण बैंगन, पत्ता गोभी, खरबूजा, तरबूजा, पपीता, अंगूर तथा केले बड़ी मात्रा में कचरे के ढेर में बदल रहे हैं।चिकबल्लापुर, विजयपुर में अंगूर मांग नहीं होने से सड़ रहे हैं। कुछ किसानों ने अंगूर किराए पर शीतगृहों में रखे हैं। बेलगावी जिले में सैकड़ों टन सब्जियों की खाद बन गई है।

बागलकोट जिले में प्याज की फसल सड़़ रही है। चामराजनगर जिले में भी टमाटर, पत्ता गोभी, बैंगन, खरबूज और तरबूज का जबर्दस्त उत्पादन होने के बावजूद विपणन संभव नहीं हो रहा है। हासन जिले में भी ऐसे ही हालात है। यहां पर दूधी तथा हरी मीर्च का उत्पादन अच्छा हुआ है लेकिन खेत से बाजार तक नहीं पहुंचने के कारण किसान निराश हैं।उत्तर कन्नड़ जिले में अनानास की बंपर पैदावार हुई है लेकिन इसे कोई 10 रुपए प्रति किलो भी खरीदने को तैयार नहीं है। जिला कृषि विभाग के मुताबिक जिले में 10 हजार टन अनानास का उत्पादन हुआ है।

Sanjay Kulkarni Reporting
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