कई जिलों में यूरिया खाद की आपूर्ति बाधित

यूरिया खाद की कालाबाजारी बरकरार- इस बार 104 फीसदी से अधिक बुवाई

By: Sanjay Kulkarni

Published: 18 Sep 2020, 05:59 PM IST

बेंगलूरु. अच्छी बारिश के कारण रेकॉर्ड बुवाई होने से खाद की मांग बढ़ गई है। मांग के अनुपात में सप्लाई नहीं होने से यूरिया की कालाबाजारी हो रही है। राज्य के 4-5 जिलों में हालात विशेष रूप से खराब हैं और वहां दुकानदार जमकर पैसा बना रहे हैं। राज्य सरकार खोखले दावे करने में व्यस्त है लेकिन यूरिया की कालाबाजारी पर रोक लगाने में नाकाम साबित हो रही है।इस वर्ष राज्य के सभी जिलों में अच्छी बारिश के कारण कृषि विभाग के आकलन से अधिक बुवाई हो गई है।

कृषि विभाग के सूत्रों के मुताबिक इस वर्ष राज्य में 75 लाख 74 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में बुवाई हुई है और वर्ष 2007-08 का रिकार्ड टूट गया है। अधिक बुवाई के परिणाम स्वरूप साथ में खाद की मांग भी बढ़ गई है। कुछ जिलों में यूरिया की सही आपूर्ति नहीं होने के कारण किसान परेशान हैं।स्थिति का लाभ उठाते हुए दुकानदार 45 किलो यूरिया की बोरी जिसका मूल्य 266 रुपए है, 350 से 400 रुपए तक में बेच रहे हैं। खाद की कालाबाजारी पर अंकुश लगाने के लिए राज्य में अभी तक 200 से अधिक खाद की दुकानों का परमिट निरस्त किए गए हैं लेकिन इसका भी दुकानदारों पर कोई असर नहीं हो रहा है।

विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष सिद्धरामय्या ने इस समस्या का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री बीएस येडियूरप्पा तथा कृषि मंत्री बीसी पाटिल को पत्र लिखे हैं। लेकिन, केंद्रीय रसायन एवं खाद मंत्री डीवी सदानंद गौड़ा यूरिया की आपू्र्ति को लेकर कोई समस्या नहीं होने का दावा कर रहे हैं।

कृषि विभाग के सह निदेशक देवराज ने इस बात की पुष्टि करते हुए कहा कि राज्य ने जो खाद की मांग की थी, उसमें से अभी तक 1 लाख 20 हजार मीट्रिक टन खाद की आपूर्ति नहीं होने से कुछ जिलों में यूरिया के वितरण को लेकर समस्या आ रही है। अगले सप्ताह राज्य की मांग के अनुसार शेष खाद पहुंचते ही इन 4-5 जिलों में यूरिया की आपूर्ति की जा सकती है।

रेकॉर्ड 75 लाख हेक्टेयर में बुवाई

राज्य में इस वर्ष रेकॉर्ड 75 लाख 54 हजार हेक्टेयर में बुवाई होने के कारण खाद की मांग बढ़ी है। यह एक नया कीर्तिमान है। गत वर्ष 64 लाख 41 हजार हेक्टेयर में बुवाई हुई थी। इससे पहले वर्ष 2007-08में 74 लाख 40 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में बुवाई हुई थी। इस वर्ष किसान संपर्क केंद्रों के माध्यम से 3 लाख 85 हजार 763 क्ंिवटल बीजों की आपूर्ति की गई है।

Sanjay Kulkarni Reporting
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