यहां खेतिहर किसानों ने ठोकी ताल, कहा लड़ेंगे चुनाव

farmers will fight election here: किसान गरीब हैं। वे सभी घर-घर जाएंगे और वोट, नोट और रोटी मांगेंगे। इसके साथ ही अन्य किसान संगठनों को एकजुट करने की कोशिश होगी।

बेंगलूरु. विधानसभा उपचुनाव में उत्तर कर्नाटक रैय्यत संघ भी हाथ आजमाएगा। पिछले साल अगस्त में उत्तर कर्नाटक को अलग राज्य का दर्जा देने की मांग को लेकर रैय्यत संघ की ओर से आहूत बंद को ठीक-ठाक समर्थन मिला था जिसके बाद संघ ने यह कदम उठाया है।

संघ ने अब उपचुनावों में 7 सीटों पर किसानों को प्रत्याशी बनाने का फैसला किया है। संघ के अध्यक्ष बसवराज करीगर ने कहा कि यह कदम भी उत्तर कर्नाटक को अलग राज्य का दर्जा देने के संघर्ष का एक हिस्सा है। संघ के उममीदवार अथनी, कागवाड़, गोकाक, हिरेकेरुर, रानीबेन्नूर, विजयनगर और येल्लापुर विधानसभा क्षेत्रों से चुनाव लड़ेंगे। वे आगामी 18 नवम्बर को अपना नामांकन दाखिल करेंगे। सभी क्षेत्रों से आम किसानों को उम्मीदवार बनाया जाएगा। इसके बाद अगली विधानसभा के चुनाव के दौरान 92 सीटों पर उम्मीदवार खड़े करने की योजना है।
उन्होंने कहा कि किसान गरीब हैं। वे सभी घर-घर जाएंगे और वोट, नोट और रोटी मांगेंगे। इसके साथ ही अन्य किसान संगठनों को एकजुट करने की कोशिश होगी।

चुनाव प्रचार के दौरान एक मेगा रैली का आयोजन किया जाएगा जिसमें किसान अपनी ताकत दिखाएंगे। करीगर ने कहा कि सभी सरकारों और प्रमुख राजनीतिक दलों ने उत्तर कर्नाटक के विकास की अनदेखी की। चाहे किसानों की बात हो, बाढ़ प्रभावित लोगों को राहत पहुंचाने का सवाल हो या महादयी का मुद्दा हो, किसी भी दल या सरकार ने समुचित कदम नहीं उठाया।

इस बीच संघ ने 13 जिलों में सदस्यता अभियान भी चलाया। सदस्यता हासिल करने वालों को पहचान पत्र भी जारी किए गए हैं। संघ उपचुनाव से पहले अपनी घोषणापत्र भी जारी करेगा जिसमें किसानों की समस्या और उत्तर कर्नाटक के मुद्दे प्रमुख होंगे।

Santosh kumar Pandey
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