गर्मियों में भी किसानों को 6-7 घंटे बिजली की आपूर्ति: येडियूरप्पा

उन्होंने कहा कि प्रदेश के शहरी इलाकों व पेयजल की ईकाईयों के लिए 24 घंटे बिजली की आपूर्ति की जा रही है। जिन गांवों में रिंतर ज्योति योजना का काम पूरा हो चुका है वहां पर प्रतिदिन 22 से लेकर 24 घंटे बिजली की आपूर्ति की जा रही है। शेष इलाकों में 7 घंटे थ्री फेस व दस घंटे सिंग फेस बिजली की आपूर्ति की जा रही है। उन्होंने कहा कि राज्य के पन बिजलीघरों का नवीनीकरण व आधुुनिकीकरण काय पर बल देकर दक्षता बढ़ाने के प्रयास किए जा रहे हैं।

By: Surendra Rajpurohit

Updated: 17 Mar 2020, 09:00 PM IST

बेंगलूरु

मुख्यमंत्री बी.एस. येडियूरप्पा ने कहा कि मौजूदा गर्मियों की सीजन में राज्य में बिजली की कोई कमी नहीं होगी और इस दौरान किसानों को भी सिंचाई पम्पसेट चलाने के लिए 6 से 7 घंटे थ्री फेस बिजली की आपूर्ति की जाएगी।

 

विधानसभा में मंगलवार को प्रश्नकाल के दौरान कांग्रेस के शिवशंकर रेड्डी, वेंकटरामय्या, शरणबसप्पागौड़ा दर्शनापुर, सौम्या रेड्डी व अन्य सदस्यों के सवालों के जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा कि मौजूदा गर्मियों में बिजली की मांग से अतिरिक्त बिजली हमारे पास उपलब्ध है लिहाजा बिजली की कटौती करने का कोई प्रस्ताव सरकार के समक्ष नहीं है। उन्होंने कहा कि एहतियाती कदम के तहत राज्य की सभी बिजली आपूर्ति कंपनियों को शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में समयबद्ध मरम्मत कार्य करके बिजली की आपूर्ति व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के निर्देश दिए गए हैं।

 

उन्होंने कहा कि मोजूदा गर्मियों में अप्रेल माह के दौरान राज्य में 9161 मिलीयन यूनिट बिजली उपलब्ध होगी जबकि हमारी मांग केवल 7368 मिलीयन यूनिट है। इतना ही नहीं मई माह में 9,021 मिलीयन यूनिट बिजली उपलब्ध होगी जबकि हमारी मांग 7,023 मिलीयन यूनिट होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में ही बिजली का उत्पादन बढ़ जाने के कारण हम बिजली की कमी वाले दूसरे राज्यों को बिजली बेचने की स्थिति में हैं। कृषि पंप सैटों के लिए दिन के समय 4 घंटे व रात के समय तीन घंटे तक बिजली की आपूर्ति की जा रही है। कुछ स्थानों पर निरंतर बिजली की आपूर्ति की जा रही है। उन्होंने माना कि राज्य के जिन इलाकों में ट्रांसफार्मर तथा विद्युत ढ़ांचागत सुविधाएं नहीं हैं उन क्षेत्रों में किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त बिजली की आपूर्ति नहीं हो पा रही है। अगले दो सालों में ऐसे इलाकों में तमाम सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाएगी।

 

उन्होंने कहा कि प्रदेश के शहरी इलाकों व पेयजल की ईकाईयों के लिए 24 घंटे बिजली की आपूर्ति की जा रही है। जिन गांवों में रिंतर ज्योति योजना का काम पूरा हो चुका है वहां पर प्रतिदिन 22 से लेकर 24 घंटे बिजली की आपूर्ति की जा रही है। शेष इलाकों में 7 घंटे थ्री फेस व दस घंटे सिंग फेस बिजली की आपूर्ति की जा रही है। उन्होंने कहा कि राज्य के पन बिजलीघरों का नवीनीकरण व आधुुनिकीकरण काय पर बल देकर दक्षता बढ़ाने के प्रयास किए जा रहे हैं।

 

उन्होने कहा कि केन्द्र सरकार के कोयला मंत्रालय ने प्रदेश के ताप बिजलीघरों के लिए ओडि़सा व छत्तीसगढ़ में कोयला खदाने आवंटित की हैं जिससे राज्य में प्रति यूनिट बिजली उत्पादन की लागत में 0.80 से लेकर एक फीसदी की कमी आई है। इस बीच राज्य सरकार ने सौर ऊर्जा आधारित सिंचाई पंप सैट लगाने की योजना लागू की है। इस योजना के तहत 5 एचपी के सिंचाई पंप सैट लगाने का कार्य हाथ में लेकर पूर्ण किया गया है। केआरडीएल कंपनी की तरफ से अर्जियां मंगवाकर ऐसे सिंचाई पंप सैट लगाने के कदम उठाए गए हैं।

Surendra Rajpurohit Reporting
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