किसानों के लिए पौधरोपण अनिवार्य करने का कानून बनाएंगे : शंकर

किसानों के लिए पौधरोपण अनिवार्य करने का कानून बनाएंगे : शंकर

Ram Naresh Gautam | Publish: Sep, 07 2018 05:47:08 PM (IST) Bengaluru, Karnataka, India

सरकार पर्यटन स्थलों व देवस्थानों में भी स्वच्छता बनाए रखने के लिए प्लास्टिक पर प्रतिबंध को और कड़ाई से लागू करेगी

बेंगलूरु. वन मंत्री आर. शंंकर ने कहा कि राज्य सरकार किसानों के लिए प्रति एकड़ 20 पौधे लगाने व उनको पेड़ों के तौर पर पोषित करना अनिवार्य करने का कानून बनाने पर गंभीरता से विचार कर रही है। गुरुवार को उनके बयान पर पूछा गया कि कृषि भूमि में पेड़ लगाने पर किसान फसलें कैसे उगा पाएंगे, तो इसका मंत्री के पास कोई जवाब नहीं था।

उन्होंने दलील दी कि पेड़ नहीं होने के कारण बारिश की मात्रा घटी है और इसकी वजह से राज्य में सूखे के हालात पैदा होते हैं। जब बारिश ही नहीं होगी तो फिर किसान फसलें कैसे उगा पाएंगे? किसान अपनी जमीन पर एक पौधा लगाएगा तो सरकार उनको हर साल इसके लिए सौ रुपए देगी और इस राशि को बढ़ाने के लिए भी सरकार तैयार है। यदि एक एकड़ भूमि में 400 पेड़ लगाए जाते हैं तो वन विभाग किसान को 40 हजार रुपए हर साल देगा। इससे किसानों को आय तो होगी ही और वे फसल उगाने के बजाय पेड़ लगाने का विकल्प चुन सकते हैं।

राज्य में हरियाली बढ़ाने की जरूरत है। मंत्री ने कहा कि बेंगलूरु नगर की तर्ज पर अन्य शहरी निकायों के दायरे में भी प्लास्टिक के इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगाया जाएगा। पर्यावरण संरक्षण के लिए यह कदम उठाया गया है। सरकार पर्यटन स्थलों व देवस्थानों में भी स्वच्छता बनाए रखने के लिए प्लास्टिक पर प्रतिबंध को और कड़ाई से लागू करेगी। राज्य के सभी तालुकों में सालुमरदा तिमक्का शस्योद्यान निर्माण का कार्य त्वरित गति से चल रहा है। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि पश्चिमी घाट के संरक्षण के बारे में डा. कस्तूरीरंगन की रिपोर्ट का तिरस्कार करने का निर्णय स्थानीय जन प्रतिनिधियों व आमजनता की मांग के अनुसार किया गया है। इस बारे में आगे की निर्णय केन्द्र सरकार पर छोड़ा गया है।

 

पीओपी से बनी प्रतिमाओं पर प्रतिबंध
मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने प्लास्टर ऑफ पेरिस (पीओपी) से निर्मित गणेश प्रतिमाओं पर प्रतिबंध लगा दिया है। पर्यावरण को क्षति पहुंचाने जल स्रोतों को प्रदूषित करने वाली इस तरह की गणेश प्रतिमाओं के निर्माण पर भी रोक लगाई गई है। इसके बावजूद यदि कहीं पर भी इस प्रकार की प्रतिमाओं को स्थापित करके विसर्जित करने का प्रयास किया जाता है तो समुचित कार्रवाई होगी। सरकार पूरी तरह मिट्टी से बनी प्रतिमाओं के प्रति जागरूकता कार्यक्रम चला रही है और आम जनता को भी पर्यावरण संरक्षण में सहयोग करना चाहिए।

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