देश का पांचवां सबसे पुराना इंजीनियरिंग कॉलेज फंड को तरसा

यूवीसीइ के विकास के लिए मांगे गए 100 करोड़ में से 25 करोड़ रुपए ही जारी हुए हैं। जिसका इस्तेमाल यूवीसीइ के नवीकरण के लिए होना है। देश के पांचवें सबसे पुराने इंजीनियरिंग कॉलेज को डीम्ड विवि का दर्ज मिलना चाहिए।

- यूवीसीइ के विकास को 100 में से 25 करोड़ ही मिले

बेंगलूरु.

बेंगलूरु विश्वविद्यालय (बीयू) के अंतर्गत संचालित यूनिवर्सिटी विश्वेश्वरय्या कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग (University Visvesvaraya College of Engineering - यूवीसीइ) के विकास के लिए मांगे गए 100 करोड़ में से 25 करोड़ रुपए ही जारी हुए हैं। जिसका इस्तेमाल यूवीसीइ के नवीकरण के लिए होना है। देश के पांचवें सबसे पुराने इंजीनियरिंग कॉलेज को डीम्ड विवि का दर्ज मिलना चाहिए।

यूवीसीइ के 51वें पूर्व छात्र दिवस को संबोधित कर रहे बीयू के कुलपति व यूवीसीइ के पूर्व प्राचार्य प्रो. केआर वेणुगोपाल ने कहा कि जीसी चंद्रशेखर मंत्री बनने वाले यूवीसीइ के पहले पूर्व छात्र हैं। चंद्रशेखर के बाद एच. नागेश मंत्री बने, जो कौशल विकास मंत्री हैं।

विश्वेश्वरय्या प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (Visvesvaraya Technological University) के कुलपति प्रो. करीसिद्धप्पा ने कहा कि वीटीयू के ज्यादातर प्रोफेसर यूवीसीइ के पूर्व छात्र रह चुके हैं। उन्होंने यूवीसीइ पूर्व छात्र संघ के सामाजिक कार्यों की सराहना की। यूवीसीइ पूर्व छात्र संघ छात्रवृत्ति योजना से कई जरूरतमंद विद्यार्थियों का भला हुआ है। इससे पहले मंत्री एच. नागेश ने यूवीसीइ के प्लेसमेंट में 49.75 लाख का पैकेज पाकर इतिहास रचने वाले कम्प्यूटर साइंस इंजीनियरिंग विभाग के एसएम कोठारी और अभिषेक कुमार राय को बधाई दी। यूवीसीइ के प्राचार्य डॉ. एचएन रमेश, यूवीसीइ पूर्व छात्र संघ के अध्यक्ष एल. वासुदेवमूर्ति और उपाध्यक्ष डॉ. बीएस रंगराज भी उपस्थित थे।

Nikhil Kumar Reporting
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