निर्माता फिल्म रिलीज करने को उत्सुक नहीं

दर्शकों के रुख पर सवालिया निशान, घाटे की आशंका

By: Sanjay Kulkarni

Updated: 10 Oct 2020, 10:01 AM IST

बेंगलूरु. राज्य के 650 से अधिक सिनेमागृहों में 15 अक्टूबर से फिल्मों का प्रदर्शन शुरू किया जा सकता है लेकिन दर्शकों की संख्या पर लगाई गई शर्तों के कारण कई निर्माताओं ने बड़े कलाकारों की फिल्में प्रदर्शित नहीं करने का फैसला किया है। थिएटर मालिकों के अब पुरानी फिल्मों के प्रदर्शन पर ही निर्भर होने के आसार हैं।

संदलवुड के फिल्म निर्देशक सुरप्पा बाबू के मुताबिक निर्माताओं के शिवराज कुमार, पुनीत राजकुमार, दर्शन और सुदीप जैसे कलाकारों की फिल्मों पर करोड़ों रुपए लगे हंै। ऐसे में केवल आधे दर्शकों से भरे सिनेमागृहों में फिल्मों का प्रदर्शन घाटे का सौदा साबित होगा। इसलिए फिल्म निर्माता 15 अक्टूबर से स्टार फिल्म अभिनेताओं की फिल्मे प्रदर्शित करने का रिस्क उठाने को तैयार नहीं हैं।

फिल्म निर्माता केपी श्रीकांत के अनुसार 15 अक्टूबर से सिनेमागृहों में केंद्र तथा राज्य सरकारों की ओर से पुरस्कृत फिल्मों का प्रदर्शन किया जा सकता है। ऐसी फिल्मों की मांग आ रही है। राज्य के सभी सिनेमागृहों को नई फिल्में उपलब्ध करना संभव नही है।फिल्म निर्माता गंगाधर के अनुसार सिनेमागृह खुलने के पश्चात कितनी संख्या में दर्शक पहुंचते हैं यह स्पष्ट नहीं है। फिल्म निर्माण पर किया गया निवेश वापस आने की कोई गारंटी नहीं होने से हम किसी निर्माता पर फिल्म प्रदर्शित करने के लिए दबाव भी नहीं डाल सकते।

साथ में पड़ोसी आंध्र प्रदेश, तेलंगाना तथा तमिलनाडु में फिल्म प्रदर्शनों की अनुमति नहीं मिलने के कारण यहां तेलुगू और तमिल फिल्में उपलब्ध नहीं हैं। राज्य के सभी 650 सिनेमागृहों को फिल्में मिलना संभव नहीं है। 50-100 दर्शकों के सामने फिल्म चलाने से फिल्म निर्माताओं के लिए सिनेमागृहों का किराए के भुगतान करना भी संभव नहीं है।

Sanjay Kulkarni Reporting
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