अधिकारियों के नाम पर रुपए ऐंठने वाला गिरोह पकड़ा

  • बलविंदर सिंह ने कई आरोपियोंं को जाली आधार कार्ड पर सिम कार्ड दिए थे। जांच से पता चला है कि आरोपियों ने एक मशहूर वेबसाइट पर भी चीजें बेचने के विज्ञापन दिए और भुगतान ऐप्स के जरिए अग्रिम राशि लेकर लोगों को चूना लगाया।

By: Nikhil Kumar

Published: 23 Oct 2020, 08:14 PM IST

बेंगलूरु. सीआईडी के साइबर विभाग पुलिस ने 30 से अधिक आइएएस और आईपीएस अधिकारियों की तस्वीरों का इस्तेमाल कर सोशल मीडिया पर जाली एकाउंट के जरिए वसूली कर रहे चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

इनकी पहचान राजस्थान के भरतपुर निवासी सद्दाम, बलविन्दर सिंह, सैनी और अंसर के तौर पर की गई है। चारों आरोपियों ने जाली आधार कार्ड बनाकर कई सिम कार्ड प्राप्त कर रखे थे। सीआईडी अधिकारियों के एक दल ने भरतपुर जाकर उन्हें गिरफ्तार किया। बलविंदर सिंह एयरटेल सिम कार्ड का वितरक है। वह जांच पड़ताल करने के बाद सिम कार्ड चालू करता था। सैनी जाली आधार कार्ड बनाकर सद्दाम को रुपए प्राप्त करते में सहायता करता था। अन्य आरोपी शकील जाली सोशल मीडिया प्रोफाइल्स तैयार करता था।

जाली आधार कार्ड बनाने के लिए कई जाली पते और तस्वीरें बनाता था। बलविंदर सिंह ने कई आरोपियोंं को जाली आधार कार्ड पर सिम कार्ड दिए थे। जांच से पता चला है कि आरोपियों ने एक मशहूर वेबसाइट पर भी चीजें बेचने के विज्ञापन दिए और भुगतान ऐप्स के जरिए अग्रिम राशि लेकर लोगों को चूना लगाया। प्रमुख आरोपी राजस्थान में मोबाइल फोन की दुकान में काम करता था। वह फिलहाल फरार है और उसकी तलाश जारी हैै। उसने अन्य मित्रों को शामिल कर नकली एकाउंट बनाए। पिछले करीब दो-तीन माह से वे आईएएस और आईपीएस अधिकारियों के सोशल मीडिया एकाउंट से तस्वीरं डाउनलोड की और नकली एकाउंट बनाकर फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजते थे। दोस्ती होने के बाद अपने आर्थिक संकट में होने और सहायता करने का संदेश भेजते थे। पैसे लेने के लिए वे राजस्थान के एक राष्ट्रीय बैंक खाते का नंबर देते थेे।

शुरू में एक पुलिस उप निरीक्षक की तस्वीर डालकर आर्थिक सहायता के लिए अनुरोध किया था। इस प्रयास में सफलता प्राप्त मिली तो वरिष्ठ अधिकारियों की तस्वीरों का इस्तेमाल करने लगे। आरोपियों ने कई लोगों से हजारों रुपए तक ऐंठे। पुलिस महा निरीक्षक पी.हरिशेखरन मैसूरु के पुलिस आयुक्त चन्द्रगुप्त और और अन्य अधिकारियों के नाम पर जाली एकाउन्ट्स खोलकर लाखों रुपए प्राप्त किए। आरोपियों ने पुलिस महा निदेशक प्रवीण सूद और कुछ अतिरिक्त पुलिस महा निदेशकों के नाम पर भी एकाउन्ट खोले थे। आंध्र प्रदेश, तेलंगाना समेत कई राज्यों के वरिष्ठ अधिकारियों के नामों का गलत इस्तेमाल कर लाखों रुपए प्राप्त लूटे। आरोपियों से पूछताछ की जा रही है।

Nikhil Kumar Reporting
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