प्रशासनिक फिजूल खर्ची पर अंकुश लगाने की पहल

वित्त विभाग ने जारी की मार्गदर्शक सूची

By: Sanjay Kulkarni

Published: 01 Jun 2020, 05:31 PM IST

बेंगलूरु. लॉकडाउन के कारण गत तीन माह से आबकारी, वस्तु एवं सेवा कर, मुद्रांक एवं पंजीकरण, मनोरंजन कर, परिवहन कर के राजस्व में भारी गिरावट के कारण वित्त विभाग ने प्रशासनिक खर्चे पर अंकुश लगाने के लिए मार्गदर्शक सूची जारी की है।वित्त विभाग की प्रमुख सचिव एकरूप कौर की ओर से जारी सूची के अनुसार किसी विभाग को 10 करोड़ रुपए से अधिक राशि खर्च करने के लिए वित्त विभाग की मंजूरी लेना अनिवार्य है।

कर संग्रहण की स्थिति में सुधार आने में अभी दो तीन माह का समय लग सकता है। लिहाजा मासिक प्रशासनिक खर्चे को नियंत्रित किया जाना अनिवार्य है।इसलिए वर्ष 2020-21 के बजट में विभिन्न विभागों को जून से नवंबर के बीच बजट में आवंटित अनुदान में से केवल 50 फीसदी राशि जारी करने करने को कहा गया है। कर्मचारियों का वेतन, पेंशन का भुगतान, वरिष्ठ जन, विधवा वेतन, दिव्यांगों की सहायता जैसी सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के लिए ही आवंटित राशि का उपयोग करने के निर्देश हैं।

विभिन्न अकादमी तथा निगमों के खर्चे पर भी अंकुश लगाने का फैसला किया गया है। शेयर बाजार में निवेश तथा ऋण मंजूरी के लिए वित्त विभाग की पूर्वानुमति अनिवार्य होगी। केवल लोकनिर्माण तथा जलसंसाधन विभाग को 10 करोड़ रुपए खर्चे के लिए वित्त विभाग की अनुमति लेने की शर्त से छूट दी गई है।किसी भी विभाग के लिए 50 फीसदी से अधिक अनुदान के आवंटन के लिए वित्त विभाग की अनुमति अनिवार्य होगी।

इसके बगैर विभाग को आवंटित अनुदान किसी बैंक में सावधि जमा राशि के रूप में या व्यक्तिगत खाते में जमा करने की किसी को भी अनुमति नहीं दीजाएगी। प्रशासनिक खर्चे के लिए आवंटित राशि से कार्यालयों के फर्नीचर आदि की खरीदी पर रोक लगाई गई है।

Sanjay Kulkarni Reporting
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