वित्त मंत्री का संत के समक्ष जमीन पर बैठना ट्रोलरों को नागवार

वित्त मंत्री का संत के समक्ष जमीन पर बैठना ट्रोलरों को नागवार
Nirmala Sitharaman with Shri Vishvesha Tirtha Swamiji

Priya Darshan | Updated: 19 Sep 2019, 07:06:18 PM (IST) Bangalore, Bangalore, Karnataka, India

Finance minister Nirmla Sitharaman troll on social media

बैंकों के विलय को लेकर पेजावर प्रमुख विश्वेश तीर्थ स्वामी ने निर्मला सीतारमण को दिए सुझाव

बेंगलूरु. देश की अर्थव्यवस्था को चुनौतियों से उबारने का प्रयास कर रही वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को अपने धार्मिक विश्वास और संतों को सम्मान देने की भारतीय परंपरा की वजह से सोशल मीडिया पर ट्रोलरों की चुनौतियां भी झेलनी पड़ रही है।

दरअसल, 17 सितंबर को कर्नाटक के उडुपी स्थित श्रीकृष्ण मठ के पेजावर प्रमुख विश्वेश तीर्थ स्वामी ने दिल्ली में निर्मला सीतारमण के आवास पर उनसे मुलाकात की। सीतारमण ने मुलाकात की तस्वीर सोशल मीडिया पर भी डाली। मुलाकात के दौरान 88 वर्षीय विश्वेश तीर्थ कुर्सी पर बैठे हैं और उनके सामने जमीन पर निर्मला सीतारमण बैठी हैं। उन्होंने कैप्शन में लिखा कि आज मुझे मेरे आवास पर स्वामीजी से मिलने का सौभाग्य मिला।
आर्थिक मंदी और अर्थव्यवस्था की अन्य चुनौतियों को लेकर प्रतिद्वंद्वियों के निशाने पर चल रही निर्मला का यह पोस्ट कुछ ट्रोलर्स को नहीं भाया। ट्विटर पर कई लोगों ने वित्त मंत्री से सवाल किया कि क्या स्वामीजी से आशीर्वाद लेने से देश की अर्थव्यवस्था पटरी पर आ जाएगी। हेमंत कोठारी नामक यूजर ने लिखा ‘जब इकॉनोमी समझ में नहीं आई, तब ज्योतिष ट्राय कर के देख लें’। पंकज पवार नामक यूजर ने लिखा, ‘मैडम, मनमोहन सिंह के पास जाया करो ताकि देश की अर्थव्यवस्था में कुछ सुधार हो।’ इसी तरह कई यूजरों ने इस मुलाकात के बहाने निर्मला पर निशाना साधा। हालांकि कई ने निर्मला के संत के प्रति सम्मान दर्शाने की भावना को खूब सराहा। कुछ ने इसे संस्कृति का सम्मान और भारतीय परंपरा की आदर्श तस्वीर बताया।

बैंकों के विलय पर पुनर्विचार की अपील
सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के विलय को लेकर चल रही पहल के कारण कर्नाटक से आरंभ हुए कई बैंकों का नाम अब इतिहास बनने की ओर है। स्टेट बैंक ऑफ मैसूरु और विजया बैंक के बाद कार्पोरेशन बैंक, केनरा बैंक आदि भी विलय के बाद नाम खो सकते हैं। इसी कारण विश्वेश तीर्थ स्वामी के साथ कार्पोरेशन बैंक के अधिकारियों के एक प्रतिनिधिमंडल ने वित्त मंत्री से मुलाकात की। उन्होंने वित्त मंत्री को बताया कि मणिपाल आधारित सिंडिकेट बैंक और मेंगलूरु आधारित कार्पोरेशन बैंक का यूनियन बैंक में विलय करने से दोनों बैंकों का नाम इतिहास बन जाएगा। इसलिए बैंकों के विलय के दौरान क्षेत्र की चिंताओं पर विचार किया जाए। पेजावर प्रमुख ने भी बैंक के नाम को लेकर तटीय कर्नाटक के भावनात्मक लगाव से निर्मला सीतारमण को अवगत कराया। इस दौरान कार्पोरेशन बैंक अधिकारियों के संगठन अध्यक्ष वाई सुधीन्द्र और महासचिव सतीश रेड्डी भी उपस्थित थे।

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