अच्छी वर्षा से किसानों के चेहरे खिले

धारवाड़ जिले में मानसून की बारिश अच्छी होने से किसानों का बुआई का लक्ष्य पार हो गया है। लगातार पांच वर्षों के अकाल से किसानों को आखिरकार मुक्ति मिली है।

By: शंकर शर्मा

Published: 24 Jul 2018, 10:34 PM IST

हुब्बल्ली.धारवाड़ जिले में मानसून की बारिश अच्छी होने से किसानों का बुआई का लक्ष्य पार हो गया है। लगातार पांच वर्षों के अकाल से किसानों को आखिरकार मुक्ति मिली है। जिले में गन्ना, तुअर, सोयाबीन व उड़द की लक्ष्य से अधिक बुआई हुई है। धान, मूंगफली, कपास, मक्का की भी अधिक पैमाने पर बुआई हुई है जिससे खेतों में फसल लहलहा रही है। तालाब, नाले व नहरें उफान पर हैं।

साथ ही और दो माह मानसून के होने से किसान इस वर्ष अच्छी फसल की उम्मीद में हैं। धारवाड़ (104 प्रतिशत), हुब्बल्ली (114 प्रतिशत), कुंदगोल (100 प्रतिशत) में लक्ष्य से अधिक बुआई हुई है। बकाया कलघटगी (97 प्रतिशत), नवलगुंद (74 प्रतिशत) तालुकों में उम्मीद के हिसाब से बुआई नहीं हुई है।


नवलगुंद, शिरगुप्पी में नमी की कमी
धारवाड़ जिले में इस बार अच्छी बारिश होने पर भी नवलगुंद, शिरगुप्पी तथा तबकदहोन्नल्ली राजस्व केंद्रों में उम्मीद के हिसाब से बारिश नहीं हुई है। इसके नतीजे तुअर, ज्वार, मिर्च के पौधे नमी की समस्या का सामना कर रहे हैं। कृषि विभाग के आंकड़ों के अनुसार 1 जून से 20 जुलाई तक कलघटगी राजस्व केंद्र क्षेत्र में 36 प्रतिशत, तबकदहोन्नल्ली राजस्व केंद्र में क्षेत्र 15 प्रतिशत तथा शिरगुप्पी राजस्व केंद्र क्षेत्र में 14 प्रतिशत बारिश की कमी हुई है।


टीम गठित
कृषि विश्वविद्यालय के विशेषज्ञों तथा कृषि विभाग के अधिकारियों को साथ लेकर कीट एवं रोग पर्यवेक्षक टीम का गठन किया गया है। यह टीम हर 15 दिन में एक बार किसानों के खेतों का दौरा कर समीक्षा करेगी। फसल को कीट व बीमारी नजर आने पर दवाई, कीटनाशकों का इस्तेमाल करने की किसानों को सलाह दी जा रही है। जिले में कई जगहों पर तुअर की फसल के पत्तों पर कीट तथा मक्का की फसल की ठहनी में कटाव नजर आई है। इनसे निपटने के लिए किसानों को जरूरी कीटनाशक का इस्तेमाल करने की सलाह दी है।

अच्छी बारिश व फसल
धारवाड़ जिले में बारिश तथा बुआई अच्छी हुई है। पिछले वर्ष इसी समय 37 प्रतिशत बुआई हुई थी परन्तु इस वर्ष 96 प्रतिशत बुआई हुई है। फसल के लिए जरूरी खाद, कीटनाशकों को किसान संपर्क केंद्रों में संग्रह कर के रखा गया है। जरूरत पडऩे पर किसान छूट दर पर खरीद सकते हैं। पी.एस. रुद्रेशप्पा, संयुक्त निदेशक, कृषि विभाग धारवाड़

उम्मीद के हिसाब से नहीं हुई बरिश
इस वर्ष गर्मी में अच्छी बारिश हुई परन्तु मानसून की बारिश उम्मीद के हिसाब से नहीं हुई। इसके चलते अच्छी फसल आने की सम्भावना नहीं है। और अधिक बारिश होगी तो फसल हाथ लग सकेगी।
बसवराज गाणगेर, किसान, कोलिवाड

शंकर शर्मा
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