बाघ को मारने वाले पांचों शिकारी पकड़े

9 दिन से चल रही थी कार्रवाई

By: Santosh kumar Pandey

Published: 07 Sep 2020, 03:10 PM IST

बेंगलूरु. पांच साल के एक नर बाघ के पंजे और दांत निकालने के लिए गोली मारने वाले सभी पांच शिकारियों को वन विभाग और नागरहोल टाइगर रिजर्व डिवीजन की टीमों ने गिरफ्तार कर लिया है। पिछले नौ दिन से चल रही कार्रवाई के दौरान एमएम संतोष, कंदर शशि, शरणू उर्फ केपी उत्तप्पा, वट्टानगर रंजू और कुदेनकोड़ी केएस राज (सभी नेटुर गांव, बालेले के निवासी) को गिरफ्तार कर लिया गया।

नागरहोल टाइगर रिजर्व के निदेशक महेश कुमार ने कहा कि अब जबकि सभी शिकारी पकड़े जा चुके हैं, उनका मकसद बाघ के बाकी पंजे और दांतों को ढूंढना होगा। आरोपियों से डेढ़ किलो हिरण का मांस, दो बाइक, डबल बैरल गन और अवैध शिकार करने वाले औजारों के साथ 13 पंजे और दो दांत बरामद किए ग ए हैं।

जांच दल के हिस्सा रहे एक अधिकारी ने बताया कि चार आरोपियों से पंजे और कैनाइन बरामद किए गए, जबकि हिरण का मांस और गोला-बारूद, पहले आरोपी संतोष के घर से जब्त किए गए। उन्हें शक है कि बचे हुए पंजे और दो आधे कैनाइन भी उसी ने छिपाए हैं क्योंकि इतने कम समय में उन्हें बेचना संभव नहीं है, खासकर तब जबकि वे पकड़े जाने के डर से भागते छिपते फिर रहे थे।

वन विभाग बाघ से पंजे और कैनाइन का मिलान करने के लिए डीएनए और टॉक्सिकोलॉजी परीक्षण के लिए बाघ के नमूने भी भेज रहा है। इस तरह के सामान बरामद होने पर भविष्य में इसे संभाल कर रख सकता है।

वन विभाग और पार्क की टीमें भी बाघ की मौत के सही कारण का पता लगाना चाहती हैं क्योंकि आरोपियों का दावा है कि जब उन्होंने बाघ को गोली मारी थी, तब वह मर चुका था और उसके शव से बदबू आने लगी थी।

वन अधिकारियों ने कहा कि हाल के दिनों में ऐसा पहली बार हुआ है कि जब उन्होंने सभी शिकारियों को पकड़ लिया। इस तरह की कवायद में आमतौर पर लगभग एक साल तक का समय लग जाता है और बाघ के शरीर के अंग कई लोगों तक पहुंच चुके होते हैं।

Santosh kumar Pandey Desk
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